शिमला। जिस पार्टी का नेता देश का प्रधानमंत्री है उस पार्टी की किसी प्रदेश की महिला मोर्चा  की अध्‍यक्षा के सामने  उसके साथ रहने  वाली लड़की को गाड़ी में घूमाने  व बाजार में अकेली न दिखने की कोई धमकी दे डाले और  कांग्रेस पार्टी के मुख्‍यमंत्री की पुलिस धमकी देने वाले के खिलाफ कार्रवाई  न करे तो अचरज तो होता ही है।

हिमाचल प्रदेश  जहां के कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रहते थे भाजपा की ओर से प्रदेश प्रभारी  हुआ करते थे उसी हिमाचल की भाजपा महिला मोर्चा के अध्‍यक्षा रितु सेठी के घर रहने वाली लड़की को एक शख्‍स  ने ये धमकी दे डाली कि तेरी जैसियों को तो मैं शाम को गाडि़यों में घुमाता हूं,तुझे भी घुमाउंगा ।बाजार में कभी अकेली मत मिलना।साथ ही इस शख्‍स ने रितु सेठी को भी कहा कि आप अपनी पावर बता लें जितनी बतानी है।मैं किसी से नहीं  डरता।

ये आरोप प्रदेश भाजपा महिला  मोर्चा की अध्‍यक्षा रितु सेठी ने शिमला में बुधवार को आयोजित एक संवाददाता सम्‍मेलन में लगाएं। उनके साथ उनके पति योगेश सेठी भी थे। रितु सेठी ने कहा कि किसी की बेटी को इस तरह के शब्‍द कहना सेक्‍सुअल असॉल्‍ट है।ये मामला 21 नवंबर का है और तब से लेकर अब  तक पुलिस ने सेक्‍सुअल असॉल्‍ट के इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है।इसे जमीनी विवाद से जोड़ रहे है। रितु सेठी ने कहा कि जिस शख्‍स ने ये धमकी दी उसके ससुर व उनकी 22 बीघा जमीन कॉमन लैंड है।जमीन का विवाद अलग है।

उन्‍होंने  और उनके पति ने प्रदेश सरकार से इस मामले की किसी वरिष्‍ठ महिला पुलिस अधिकारी से जांच कराने की मांग की और कहा कि सोलन पुलिस पर तो उनका भरोसा ही नहीं है। यहां उल्‍लेखनीय यह है कि सोलन कि एसपी रमेश छाजटा  मुख्‍यमंत्री के लाडले अफसरों में गिने जाते है।भर्ती घोटाले में विधायक राजीव बिंदल को अदालत तक पहुंचाने में उनकी महत्‍वपूर्ण भूमिका रही थी।

महिला मोर्चा की अध्‍यक्षा ने आरोप  लगाया कि इस शख्‍स के राज्‍यपाल,मुख्‍यमंत्री वीरभद्र सिंह, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह  व गूराम मुसाफिर के साथ फोटू है। उन्‍होंने कई फोटो मीडिया को जारी भी किए।उन्‍होंने कहा कि ये शख्‍स एसपी  छाजटा  व  एसएचओ का फेसबुकिया फ्रैंड भी है।फेसबुक के  पेज भी मीडिया को जारी किए है। इसके अलावा थाने में  क्‍या क्‍या बातचीत हुई उसका एक बड़े हिस्‍से की रिकार्डिंग भी मीडिया को जारी की गई ।हालांकि जो भी चीजें मीडिया को जारी की गई है  वह कितनी सही कितनी गलत है  ये तो छानबीन से  ही पता चलेगा। लेकिन असल सवाल ये कि क्‍या सेक्‍सुअल असॉल्‍ट एंगल से छानबीन होगी  भी या  नहीं।

जब रितु सेठी से पूछा गया कि जिस लड़की को धमकी दी गई है व यौन प्रताड़ना वाले शब्‍द कहे गए है ,उसने पुलिस में शिकायत की है या नहीं । उन्‍होंने कहा कि पुलिस ने उनका खुद का और  लड़की का बयान लिखा है।लेकिन लड़की से पेज पर  जगह छोड़ने को कह कर नीचे दस्‍तख्‍त करने को कहा गया है।लड़की ने जहां पुलिस ने कहा वहां दस्‍तख्‍त कर दिए है। लेकिन ये सारी बातचीत रिकार्ड कर ली गई है।शिकायत रितु सेठी ने खुद की है,लड़की ने नहीं की है।

राजनीतिक लोगों का ये मामला कितना सचा कितना झूठा है  और इसे राजनीतिक रंग  देने की कोशिश हो रही है या नहीं ये सब  जांच के बाद पता चलेगा लेकिन ऐसे मामले ये जरूर साफ करते है कि चाहे किसी प्रदेश की महिला मोर्चा अध्‍यक्षा हो या विधानसभा की रिपोर्टर स्‍तर की अधिकारी हो,यौन प्रताड़ना से सेफ कोई भी नहीं है।इसी सरकार के कार्याकाल  में  भाजपा की एक और नेत्री इंदु गोस्‍वामी  पर कुछ लोगों ने इसी तरह की छींटाकशी की थी तब भाजपा और महिला मोर्चा ने खूब हल्‍ला मचाया था। इस मामले में  सरकार  क्‍या करती है  इसका इंतजार है।चूंकि मामला मीडिया के जरिए ही सही सरकार के नोटिस में आ गया है ऐसे में होम सेक्रेटरी क्‍या कार्रवाई करते है इस पर भी निगाह होगी।

फोटो कैप्‍शन-मीडिया को जारी किया गया एसपी  छाजटा का फेस बुक  पेज।