शिमला। जिला शिमला ग्रामीण कांग्रेस के अध्यक्ष हरी कृष्ण हिमराल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधे-सीधे जुमलेबाज करार दिया। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों से पहले जब मोदी हिमाचल में प्रचार करने आए थे तो उन्होंने जनसभाओं में वादा किया था कि वो हिमाचल के सेब बागवानों से सेब का पल्प खरीदने के लिए कोकाकोला […]
शिमला। जिला शिमला ग्रामीण कांग्रेस के अध्यक्ष हरी कृष्ण हिमराल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधे-सीधे जुमलेबाज करार दिया। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों से पहले जब मोदी हिमाचल में प्रचार करने आए थे तो उन्होंने जनसभाओं में वादा किया था कि वो हिमाचल के सेब बागवानों से सेब का पल्प खरीदने के लिए कोकाकोला और पेप्सी जैसी अंतराष्ट्रीय पेय कंपनियों से इंतजाम करवाएगी। लेकिन आज तक इस बावत कुछ नहीं हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी का वादा केवल जुमला निकला। उन्होंने कहा कि कोका कोला ,पेप्सी जैसी अपने पेय के फार्मूले को किसी को नहीं बताती। उनने इस बावत पेटेंट करा रखा है।
ये पूछे जाने पर कि प्रधानमंत्री को इस वादे को याद दिलाने के लिए प्रदेश की कांग्रेस सराकर और पार्टी ने पिछले चार सालों में कितनी बार चिटिठयां लिखी,हिमराल ने सफाई दी कि उन्हें तो शुरू में ही ये पता था कि इन कंपनियों की ओर से पल्प खरीदना संभव ही नहीं है।
राजधानी में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उनने कहा कि उस समय प्रधानमंत्री मोदी ने सोलन में आयोजित जनसभा में सेब पर टैरिफ सौ फीसद करने का वादा किया था। लेकिन वो अमेरिका के आगे घुटने टेक चुके है और ये टैरिफ 50 से 25 फीसद तक पहुंच गया है। सबको मालूम है कि हिमाचल में सेब की 5000 करोड़ की आर्थिकी है।
अगर सेब के आयात पर सौ फीसद टैरिफ लगता तो देश की मंडियों में कम सेब आयात होता और हिमाचल के सेब को मंडी व अच्छे दाम मिलते लेकिन मोदी ने जो वादा किया था किया उसके बिलकुल उल्ट।
सेब पर केंद्र से करेंगे जंग
हिमराल ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने सेब पर टैरिफ बढ़ाने के लिए विधानसभा से प्रसताव पारित करवाया है।आने वाले दिनों में सेब बागवानों के हितों के लिए इस मसले पर केंद्र से लड़ाई लड़ी जाएगी।
एमआइएस का भुगतान दो महीनों में
उन्होंने कहा कि एमआइएस के तहत 2024 से खरीदे सेब के लंबित भुगतान को दो महीने के भीतर अदा कर दिया जाएगा। इस विभिन्न चरणों में अदा किया भी जा रहा है।
उन्होंने कहा कि फंडस की कमी के बावजूद तमाम गारंटियों को पूरा किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने प्रदेश सरकार की आर्थिक तौर पर कोई मदद नहीं की है। दो बार आपदाएं आ चुकी है। केंद्र सरकार ने प्रदेश के लिए 1500 करोड़ की आपदा रहता देने की घोषणा की थी लेकिन अभी तक एक भी पैसा धरातल पर नहीं उतरा है।
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