नई दिल्‍ली।भारत की स्‍वतंत्रता के 68वीं सालगिरह के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से अपने भाषण में कहा कि वो आज प्रधानमंत्री नहीं प्रधानसेवक के रूप में मौजूद हुआ हूं। उन्‍होंने कहा कि वह बहुमत के दम पर नहीं सहमति के मजबूत धरातल पर आगे चलना चाहते है।

जब दिल्‍ली आकर कर एक इनसाइडर व्‍यू देखाए तो ऐसा लगा जैसे एक सरकार के अंदर भी दर्जनों अलग.अलग सरकारें चल रहीं हैं। हर एक की अपनी-अपनी जागीरें बनी हुई हैं। मुझे बिखराव नजर आयाए मुझे टकराव नजर आया।मैंने कोशिश प्रारंभ की है कि सरकार एक ऑर्गेनिक यूनिट बने।
मोदी ने कहा कि बेटी से तो सैकेड़ों सवाल मां-बाप पूछते हैं, क्‍या कभी मां- बाप ने अपने बेटों से पूछने की हि‍म्‍मत की है। आखि‍र बलात्‍कार करने वाला कि‍सी न कि‍सी का बेटा तो है।राष्‍ट्रमंडल खेलों में 64 खि‍लाड़ी मेडल लेकर आए, उसमें 29 बेटि‍यां हैं।

मोदी ने सवाल उठाया कि आजादी के बाद भी कभी जाति‍वाद का जहर, कभी साम्‍प्रदायि‍कता का जहर, ये पापाचार कब तक चलेगा कि‍सका भला होगा। उन्‍होंने देश के नौजवानों का अह्वान किया कि वो जाति‍वाद, साम्‍प्रदायि‍कता,प्रांतवाद,ऊंच नीच से उपर उठे ये देश के आगे बढ़ाने में रूकावट है। मन में तय करो 10 साल के लि‍ए मोरि‍टोरि‍यम ट्राई करो 10 साल तक हम इन सारे तनावों से मुक्‍त समाज की ओर जाना चाहते हैं।

देश के आगे.जाने के लि‍ए गुड गवर्नेंस एंड डेवलपमेंट का रास्‍ता है।हम उसी पर चलने का इरादा रखते है।करोड़ों.करोड़ों परि‍वार हैं जि‍नके पास मोबाइल फोन तो हैं, लेकि‍न बैंक अकाऊंट नहीं है। ये स्‍थि‍ति‍ बदलनी है। प्रधानमंत्री ने कहाकि जन-धन योजना के माध्‍यम से हम देश के गरीब लोगों को बैंक अकाउंट की सुवि‍धा से जोड़ना चाहते हैं।जन-धन योजना के तहत जो भी अकाउंट खोलेगा उसको डेबि‍ट कार्ड दि‍या जाएगा और डेबि‍ट कार्ड के साथ एक लाख रुपए का बीमा मि‍ल सकता है। हमारा देश वि‍श्‍व का सबसे नौजवान देश है। देश को वि‍कास की ओर आगे बढ़ाना है तो स्‍कि‍ल डेवलपमेंट हमारा मि‍शन है। मैं ऐसे नौजवानों को भी तैयार करना चाहता हूंए जो जॉब क्रि‍एटर हों। अगर हमें नौजवानों को ज्‍यादा से ज्‍यादा रोजगार देना है तो हमें मैन्‍युफैक्‍चरिंग सेक्‍टर को बढ़ावा देना होगा।

नौजवान एक फैसला करें कि मैं अपने छोटे-छोटे काम के द्वारा मेरे देश में इम्‍पोर्ट होने वाली कम से कम एक चीज ऐसी बनाउंगा जो देश को कभी इम्‍पोर्ट ना करनी पड़े। विश्‍व में भारत की नई पहचान बनाने का रास्‍ता हमारे आईटी प्रोफेशन के नौजवानों ने प्रशस्‍त कर दिया है।
देश के लिए हमारा सपना है डिजीटल इंडिया। जब मैं डिजीटल इंडिया कहता हूं तब यह बड़े लोगों की बात नहीं है, यह गरीब के लिए है।
हम इलेक्‍ट्रॉनिक डिजिटल इंडिया का सपना लेकर के इलेक्‍ट्रॉनिक गुड्स की मैन्‍युफैक्‍चरिंग का सपनालेकर के चलें। हम टूरिज्‍म को बढ़ावा देना चाहते हैं।टूरिज्‍मसे गरीब से गरीब व्‍यक्‍ति को रोजगार मिलता है। मुझे स्‍वच्‍छ भारत का अभियान इसी 2 अक्‍टूबर से आरंभ करना है और चार साल के भीतर हम इस काम को आगे बढ़ाना चाहते है।

उन्‍होंने कहा कि एक काम तो वो आज ही शुरू करना चाहता है हिंदुस्‍तान के सभी स्‍कूलों में टायलेट हो, बच्‍चियों के लिए अलग टॉयलेट हो। मैं एमपी फंड का उपयोग करने वाले सांसदों से आग्रह करता हूं कि एक साल के लिए अपना धन स्‍कूलों में टॉयलटों को बनाने में खर्च करे।

उन्‍होंने सांसद के नाम से सांसद आदर्श ग्राम योजना की घोषणा की और आग्रह किया कि हर सांसद 2016 तक अपने इलाके में एक गांव को आदर्श गांव बनाए। 2016 के बाद जब 2019 में सांसद चुनाव के लिए जाए उसके पहले और दो गांवों को करे और 2019 के बाद हर सांसद 5 साल के कार्यकाल में कम सेक म पांच आदर्श गांव अपने इलाके में बनाएं।
उन्‍होंने कहा क‍ि 11 अक्‍टूबर जयप्रकाश नारायण की जयंती पर इस सांसद आदर्श ग्राम योजना का कम्‍पलीट ब्‍लू प्रिंट सभी सांसदों और सभी राज्‍य सरकारों के सामने रख दूंगा। उन्‍होंने योजना आयोग को नया रंगरूप देने की भी घोषणा की और नया संस्‍थान बनाने का एलान किया।

क्‍यों न हम सार्क देशों के सभी साथी को मिलाकर के गरीबी के खिलाफ लड़ाई.लड़ने की योजना बनाएं। हम मिलकर लड़ाई लड़े। गरीबी को परस्‍त करें।