शिमला। 20 करोड़ के कर्ज मामले में विजीलेंस की ओर से दर्ज KCC Bank FIR में आरोपी कांग्रेस नेता युद्धचंद बैंस और बैंक के अधिकारी सतवीर मिन्‍हास की जमानत याचिकाओं पर अब मंगलवार एक अप्रैल को सुनवाई होंगी।

इस मामले में आज हाईकोर्ट के न्‍यायाधीश न्‍यायमूर्ति के राकेश कैंथला की अदालत में सुनवाई हुई।चूंकि जस्टिस कैंथला को डब्‍बल बैंच में जाना था तो आज पूरी सुनवाई नहीं हो सकी और मामले की अगली सुनवाई एक अप्रैल को निर्धारित की गई हैं।

विजीलेंस की ओर से इस मामले में जांच कर रहे विजीलेंस के एसपी वीरेंद्र कालिया,एएसपी नरवीर राठौर,ऊना विजीलेंसे में तैनात इंस्‍पेक्‍टर नरेश कुमार भी अदालत में मौजूद रहे।

बैंस की ओर से आज दलीलें दी गई कि ये मामला सिविल नेचर का है। सरकार बैंस को व्‍यक्तिगत तौर पर व उसके परिवार को प्रताडि़त करने के लिए ये सब कर रही हैं। इसीलिए उनके बेटे को भी आरोपी बनाया गया हैं। इसके अलावा केसीसी बैंक के बोर्ड आफ डायरेक्‍टर्स मे से किसी को आरोपी नहीं बनाया गया हैं।

 

इस मामले में युद्ध चंद बैंस 9 जनवरी से अंतरिम जमानत पर है।वो विजीलेंस मुख्‍यालय में पूछताछ के लिए कई –कई दिनों तक हाजिर होते रहे थे।  इसके अलावा उनके बेटे ने भी अंतरिम जमानत ली हुई हैं। बाद में केसीसी बैंक के महाप्रबंधक सतवीर मिन्‍हास ने भी जमानत की अर्जी लगा रखी हैं।

उधर विजीलेंस की ओर से अब तक की दायर रपटों में बैंस पर विजीलेंस ने कर्ज की रकम को इधर उधर डायवर्ट करने का इल्‍जाम लगाया है।  इसके अलावा भी कई इल्‍जाम हैं।

 

विजीलेंस की ओर से अब मंगलवार यानी एक अप्रैल को अपना पक्ष अदालत में रखा जाएगा।

याद रहे बैंस ने मुख्‍यमंत्री सुक्‍खू  और उनकी जुंडली पर कई तरह के इल्‍जाम लगा रखे है। वो दावा करते रहे है कि सुक्‍खू की शिकायत उनने इडी से भी की है लेकिन इडी की ओर से अब तक इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं की गई हैं।

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