शिमला। मुख्‍यमंत्री वीरभद्र सिंह के वीबीएस रिश्‍वतकांड पर विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन में भारी हंगामा हुआ और सदन को स्‍थगित करना पड़ा।बीते रोज लोकसभा चुनावों की हार पर हंगामा करने वाली भाजपा ने आज मुख्‍यमंत्री वीरभद्र सिंह के घोटाले को मुददा बनाते हुए चर्चा कराने की मांग की।जिस पर हंगामा हो गया।

कार्यवाही स्‍थगित होने के बाद मुख्‍समंत्री वीरभद्र सिंह ने मीडिया से कहा कि उनके मामले में न तो सीबीआई,न आयकर विभाग और न ही जज ने कोई टिप्‍प्‍ाणी की है।एक सरकारी वकील  ने कहा है। वो तो चाहेगा कि वीरभद्र सिंह को फांसी पर चढ़ा दिया जाए।उसकी टिप्‍पणी व हाजिरी तक अदालत ने दर्ज नहीं की।उन्‍हें तो हाईकोर्ट से नोटिस तक नहीं मिला है।सब कुछ पीठ के पीछे चल रहा है। वह लड़ेंगे और बाहर निकलेंगे।

वीरभद्र  सिंह ने कहा कि यह पहली बार नहीं हुआ है। धूमल जब-जब मुख्‍यमंत्री बने उनके खिलाफ मामले बनाए गए।धूमल ने कानून की ऐसी किसी भी धारा को नहीं छोड़ा जिसे उन्‍होंने विरोधियों को मारने के लिए इस्‍तेमाल नहीं किया। उन्‍होंने कहा कि विधानसभा में संविधान के बाहर के मसले को उठाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

प्रदेश में मुख्‍यमंत्री बदलने के मसले पर उन्‍होंने कहा कि उनके पक्ष में कांग्रेस पार्टी का विशाल बहुमत है कोई खतरा नहीं है।

धूमल व अनुराग दोनों मछर,काटने से डरने वाला नहीं 

वीरभद्र सिंह ने मोदी सरकार के एक धड़े पर निशाना साधा और कहा किकेंद्र सरकार में एक धड़ा है जो उन्‍हें धराशाही करने में लगा है।लेकिन उनकी दाल गलने वाले नहीं है।अपने पद से इस्‍तीफा देने से इंकार करते हुए धूमल व भाजपा की मांग को दरकिनार करते हुए  उन्‍होंने कहा कि धूमल के खिलाफ तो चालान पेश हो गया है।इन दोनों  के खिलाफ  केस  चल पड़े है। गंभीर आरोप है। इस मापदंड के हिसाब से तो उन्‍हें विधायक पद से इस्‍तीफा दे देना चाहिए। लेकिन वो इसकी मांग नहीं करते।उन्‍होंने कहा कि धूमल व बाकियों को खल्‍टी में रहना चाहिए।

प्रश्‍ाांत भूषण के खिलाफ कांग्रेस नहीं भाजपा ने दिया था नोटिस

वीबीएस रिश्‍वत कांड में  दिल्‍ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करने वाले प्रशांत भूषण को  को लेकर वीरभद्र सिंह ने नया खुलासा किया व कहा कि उन्‍हें धर्मशाला में टी गार्डन खरीदा था। ये कानून के मुताबिक नहीं था।इस खरीददारी के खिलाफ नोटिस धूमल की भाजपा सरकार के समय ही दे दिया गया था।कार्यवाही कांग्रेस सरकार ने नहीं धूमल सरकार ने शुरू की थी।प्रशांत भूषण की ओर से फाइल की गई याचिका किन्‍हीं ओर लोगों से प्रेरित है।उन्‍हें हाईकोर्ट से नोटिस मिलेगा तो जवाब देंगे।सीबीआई और आयकर विभाग को कार्रवाई करने दो1

धूमल बोले ,भाजपा को कोई लेना देना नहीं

उधर,विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रेमकुमार धूमल ने वीरभद्र सिंह के आरोपां को सिरे से नकारते हुए कहा कि इस मामले में भाजपा का कोई लेना देना नहीं है। वीरभद्र सिंह के खिलाफ जांच यूपीए सरकार के कार्याकाल में शुरू हुई है। भाजपा दिल्‍ली हाईकोर्ट को कैसे प्रभावित कर सकती है। भाजपा विधायकों ने वीरभद्र सिंह के इस्‍तीफे की मांग को लेकर सदन के बाहर भी नारेबाजी की।