शिमला। सीबीआई  ने  मुख्‍यमंत्री  वीरभद्र सिंह  के वीबीएस रिश्‍वत कांड में आज दिल्‍ली हाईकोर्ट  में सीलबंद लिफाफे में  अपनी ओर से स्‍टेटस रिपोर्ट  सौंप दी है।  स्‍टेटस  रिपोर्ट में क्‍या है इसका खुलासा नहीं हुआ है। रिपोर्ट मिलने के बाद कार्यकारी मुख्‍य न्‍यायाधीश की खंडपीठ ने अदालत में कहा कि वो इस रिपोर्ट को पढ़ेगी उसके बाद कोई फैसला सुनाएगी। अब मामले की सुनवाई 2 अप्रैल  को होगी।

 

आम आदमी पार्टी के नेता व वरिष्‍ठ वकील  प्रशांत भूषण  ने  मुख्‍यमंत्री  वीरभद्र सिंह  के खिलाफ जब वो केंद्रीय स्‍टील मंत्री थे उस समय हुए वीबीएस रिश्‍वत कांड  की जांच  कराने की मांग को लेकर दिल्‍ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की थी।

इसके बाद भाजपा के वरिष्‍ठ  नेता अरुण जेटली  के अलावा प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री  प्रेम कुमार धूमल, उनके दोनों बेटों भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर और अरुण  धूमल ने  वीरभ्रद सिंह व उनकी पत्‍नी सांसद प्रतिभा  सिंह  पर वक्‍कामूला चंद्रशेखर से  रिश्‍वत लेने के आरोप लगा दिए।धूमल परिवार ने वीरभद्र सिंह पर आयकर रिटर्न में भी गलत जानकरी देने के आरोप लगाए।

प्रशांत  भूषण ने जनहितयाचिका के बाद  इन आरोपों  की जांच कराने  के  आग्रह को लेकर  एक अर्जी  दिल्‍ली  हाईकोर्ट में दायर की थी। 

 

मामले की पहली सुनवाई  को सीबीआई ने दिल्‍ली  हाइ्रर्कोर्ट में कहा था  कि वह पहले ही वीबीएस रिश्‍वत कांड की जांच  कर रही है।

दिल्‍ली हाईकोर्ट ने बाद में  प्रशांत भूषण  की ओर से दायर इन दोनों मामलों में सीबीआई  को स्‍टेटस  रिपोर्ट  देने  के आदेश दिए थे।सीबीआई ने इस मामले को लेकर जांच की थी व वीरभद्र सिंह  के सेब के बगीचों तक भी पहुंची थी।आयकर विभाग  ने उनकी र्रिटर्नों  को भी खंगाला था। वीरभद्र सिंह  के सेबों को बेचने वाले आढ़ती चुन्‍नी लाल  से भी पूछताछ  की गई थी।   वीरभद्र सिंह लगातारकहतेआरहेहै  कि उन्‍होंने  जो कुछ भी किया है वो सब रिकार्ड पर है। ऐसे में किसी तरह  का घपला करने  का कोई मतलब ही नहीं है। जबकि  पूर्व मुख्‍यमंत्री प्रेम कुमार धूमल    व उनके दोनों  बेटे  वीरभद्र  सिंह  पर करोड़ों का गोलमाल  करने का आरोप  लगाते रहे है।  सीबीआई को जांच के दौरान क्‍या-क्‍या मिला  है इसका खुलासा अब दो अप्रैल को ही हो पाएगा।

 

 पिछले बार 12 फरवरी को भी इस मामले  की सुनवाई दिल्‍ली हाईकोर्ट में नहीं हो सकी थी।

इस चुनावी बेला  में सीबीआई  की इस स्‍टेटस  रिपोर्ट पर सबकी निगाहहै।  इसमें भाजपा  के अलावा प्रदेश  कांग्रेस पार्टी  ही नहीं  कांग्रेस  आलाकमान भी निगाह लगाए हुए है।