शिमला। चंबा के साईकोठी  में वेंचर एनर्जी टैक्‍नालॉजी के 17 मेगावाट बिजली  प्रोजेक्‍ट  को रदद करने के वीरभद्र सिंह सरकार के आदेश को वक्‍कामूला चंद्रशेखर  ने वापस लेने  की मांग की है। वक्‍कामूला चंद्रशेखर सरकार के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के बाद अब दोबारा वीरभद्र सिंह सरकार की चौखट में पहुंच गए है। 

वक्‍कामूला  चंद्रशेखर  ने हिमाचल सरकार को रिप्रेजेंटेशन  देकर कहा कि उनके साथ 15 जून 2007 को प्रोजेक्‍ट  चलाने के लिए हुए इंप्‍लीमेंट एग्रीमेंट को बगैर कोई कारण बताए रदद कर दिया है।

वक्‍कामूला इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में भी गए और 24 फरवरी 2014 को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई व जस्टिस मदन बी लाकूर की खंडपीठ  में उनके मामले पर सुनवाई हुई उन्‍होंने अपनी याचिका वापस ले ली है।याचिका वापस लेने के साथ सुप्रीम कोर्ट  ने उन्‍हें हाईकोर्ट में मामला दायर  करने  की इजाजत दी है।सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर हाईकोर्ट में ये याचिका  आती है तो व स्‍वतंत्र  रूप में व कानून के मुताबिक मामले की सुनवाई करे। सुप्रीम कोर्ट  में दायर याचिका में  वक्‍कामूला  ने सरकार की ओर से उनकी कंपनी वेंचर एनर्जी पर लगाए गए 58 लाख 19 हजार रुपए की पेनाल्‍टी को समाप्‍त करने का आग्रह किया था।

 

वक्‍कामूला ने इस मामले में हाईकोर्ट में आने से पहले सरकार का दरवाजा खटखटाया है।सरकार को भेजे अपने रिप्रेजेंटेशन में वक्‍कामूला ने कहा कि उनके साथ हुए करार  को रदद करने से पहले उनका पक्ष जाना  ही नहीं  गया है। सरकार ने नेचुरल जस्टिस के खिलाफ जाते हुए  मशीन की तरह  फैसला लिया है।

रिप्रेजेंटेशन  में साफ किया गया है कि वेंचर  एनर्जी  ने इस प्रोजेक्‍ट  पर 8 करोड़  से ज्‍यादा पैसा खर्च कर दिया है और एक रुपए का मुनाफा भी नहीं कमाया है। ये इसलिए  हुआ  है  क्‍योंकि सरकार ने प्रोजेक्‍ट के लिए जमीन मुहैया नहीं कराई  है जबकि  उन्‍होंने  सभी मंजूरियां  हासिल  कर ली थी।

इसके अलावा वेंचर एनर्जी  ने प्रोजेक्‍ट  को  एक्‍सटेंशन देने  की एवज में 45  लाख 50 हजारके करीब पेनाल्‍टी पहले ही जमा करा दी है।लेकिन सरकार ने 58 लाख 19 हजार पेनाल्‍टी  और मांगी जो कि पूरी तरह से गैर कानूनी और 16 जून 2006  में हुए इंप्‍लीमेंटेशन एग्रीमेंट के खिलाफ है।

वक्‍कामूला  ने इस रिप्रेजेंटेशन  में 58 लाख 19 हजार रुपए की पेनाल्‍टी  को खत्‍म करने व प्रोजेक्‍ट  को रदद करने  का आग्रह  किया है। साथ ही पर्सनल  हियरिंग का मौका  देने  का आग्रह भी  किया है।

वक्‍कामूला ने भाजपा सांसद अनुराग  ठाकुर और अरुण धूमल  पर  दिल्‍ली हाईकोर्ट  में मानहानि का मुकदमा कर रखा है।  उन्‍होंने  कहा कि मामला अदालत  में है इसलिए वो कुछ नहीं कह सकते।

भाजपाइयों के अलावा अनुराग ठाकुर और अरुण धूमल ने उन पर मुख्‍यमंत्री वीरभद्र सिंह सांठगांठ  और उनके खाते में पैसे डालने के आरोप  लगाए है। भ्रष्‍टाचार के आरापों  को लेकर लेकर वीरभद्र सिंह  ने प्रेम कुमार धूमल,  अनुराग धूमल, अरुण धूमल  व भाजपा के राष्‍ट्रीय नेता अरुण जेटली  पर मानहानि का मुकदमा  दायर कर रखा है।समझा जा रहा है कि आगामी लोकसभा चुनावों में ये मसला दोबारा उछलने वाला है।