Key Takeaways
शिमला। हाईकोर्ट से हड़ताल को गैर कानूनी करार दिए जाने के बाद अपनी मांगों को लेकर दो दिन ही हड़़ताल पर जानेे का फैसला बरकरार रखने वाले एचआरटीसी कर्मचारी यूनियन एक्शन कमेटी के चेयरमैन व कर्मचारी नेता शंकर सिंह ठाकुर के नाम हाईकोर्ट ने जमानती वारंट निकाला है। हाईकोर्ट नेे अपने आदेश में कहा कि […]
शिमला। हाईकोर्ट से हड़ताल को गैर कानूनी करार दिए जाने के बाद अपनी मांगों को लेकर दो दिन ही हड़़ताल पर जानेे का फैसला बरकरार रखने वाले एचआरटीसी कर्मचारी यूनियन एक्शन कमेटी के चेयरमैन व कर्मचारी नेता शंकर सिंह ठाकुर के नाम हाईकोर्ट ने जमानती वारंट निकाला है। हाईकोर्ट नेे अपने आदेश में कहा कि वो पचास हजार रुपए का बॉंड संबधित एसपी के सामने भरे और अगली सुनवाई को अदालत में हाजिर हो।ये आदेश मुख्य न्यायाधीश जस्टिस मंसूर अहमद मीर और जस्टिस त्रिलोक चौहान की खंडपीठ ने अवमानना याचिका की सुनवाई करते हुए जारी किए।अदालत ने बाकी सभी पक्षकारों को दो सप्ताह के भीतर जवाब देने के अादेश दिए है।बीते सप्ताह अपनी मांगों को लेेकर एचआरटीसी के कर्मचारी नेताओं के आहवान पर एचआरटीसी के दस हजार के करीब कर्मचारी हड़ताल पर चले गए थे।जिससे एक दिन एचआरटीसी की एक भी बस सड़कों पर नहीं उतरी थी।इस पर कांगड़ा की एक संस्था अदालत में चली गइ्र और अदालत ने हड़ताल को गैरकानूनी ठहरा दिया।बावजूद इसके एचआरटीसी कर्मचारी हड़ताल पर चले गए । अदालत ने इस पर इन कर्मचारियों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू कर रखी है।
