शिमला।बाहरा विवि के ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग के तीन छात्रों ने स्‍कूटर के इंजन के इस्‍तेमाल कर सस्‍ता व पहाड़ी इलाकों  के लिए  उपयुक्‍त हैंड ट्रेक्टर का निर्माण किया है । विव‍ि के आटोमोबाइल इंजीनियरिंग के आठवें समेस्‍टर  के  छात्र जनक भारद्वाज,विनीत ठाकुर और मेक्निकल इं‍जीनियरिंग के छात्र राकेश शर्मा ने मिलकर ये ट्रैक्‍टर तैयार किया है।

जनक भरद्वाज ने कहा कि इनके इनोवेशन को हिमाचल में किसानों ने टेस्ट ड्राइव के बाद अधिक सराहा है और उन्हें अभी तक 50 के करीब बुकिंग्स मिल चुकी हैं । वे इसका पेटेंट भी करवाएंगे। अगर कोई कंपनी उनके साथ जुड़ना चाहती है तो वो  इसके लिए भी तैयार हैं ।
जनक कहा कि उनके इस हैंड ट्रैक्‍टर में चार ब्लेड लगे हुये हैं  जिसको कि बजाज चेतक के इंजन  से जोड़ा गया है और उसे स्टार्ट करने के बाद यह जुताई के लिए तैयार हो जाता है । अपने 7 लीटर के ईंधन टैंक कि वजह से ये ट्रैक्टर दो घंटे से ज़्यादा तक चल सकता है ।

यही नहीं अगर किसानों  को  कम लागत में काम निकलवाना है तो वो एक बार चालू करने के बाद इसे ईंधन से मिटटी के तेल पे स्विच कर सकते हैं । इसे अकेला व्यक्ति दो हिस्सों में करके  खेत तक पहुंचा सकता है । जनक ने बताया कि जहाँ आम ट्रैक्टर कि कीमत 60 हज़ार से 1 लाख के बीच होती है, वहीँ उनके द्वारा निर्मित इस हैंड ट्रैक्टर कि कीमत मात्र 20 से 25 हज़ार रुपय है ।

जनक भारद्वाज समेत तीनो छात्रों ने वाकनाघाट समीप क्‍यारीबंग्‍ााला में एक छोटी सी रिपेयर वर्कशॉप खोली हुई है जहाँ पर ये रोज़ नए नए प्रयोग करते रहते हैं । उनकी वर्कशॉप में खेती के लिए उपयोग में लाये जाने वाले अधिकतर ट्रैक्टर रिपेयर के लिए आते रहते हैं और इस से उन्हें ऐसा ट्रैक्टर बनाने की प्रेरणा मिली जिसकी रिपेयर कम हो और स्पेयर पार्ट्स आसानी से मिल सकें । इन् तीनो दोस्तों ने डेढ़ माह की कड़ी मेहनत के बाद इस हैंड ट्रैक्टर का निर्माण किया ।

उधर, विवि  के कुलपति एस के बंसल ने कहा कि इस हैंड ट्रैक्टर के स्‍पेयर पार्ट्स बाकी ट्रैक्‍टरेां की तुलना में आसानी से व सस्‍ते दामों में मिल सकते है।

विवि  की सीनियर पब्लिक रिलेशन अफसर रितू शाह की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि जनक भरद्वाज को 2015 में दूरदर्शन कि तरफ से उनकी रचनात्मकता के लिए सम्मानित किया गया था । ये ही नहीं जनक ने 2011 में पांच सीटर बाइक के अतिरिक्त अन्य कई प्रोजेक्ट्स का सफल निर्माण किया है ।