शिमला।प्रश्नकाल  के  दौरान सिंचाई व जन स्वास्थ्य मंत्री विदया स्टोक्स के  अ्रग्रेजी  के  एक वाक्य से भाजपा सदस्य ऐसे आहत हुए कि स्थिति वॉकआउट तक पहुंच गई। भाजपा की महिला विधायक सरवीण चौधरी ने उनके विधानसभा हलके में कुहलों के किए गए शिलान्यास  के मामले में स्टोक्स से जाानना चाहा था कि शिलान्यास  की परिभाषा क्या है।  इस पर स्टोक्स बोली, कि गलती आपसे भी हो जाती है और अगर हमसे भी हो गई होगी तो इस तरह के मामलों को नहीं उठाया जाना चाहिए। उन्होंने सीधा जवाब नहीं दिया। तो भाजपा विधायकों  ने टिपणियों करनी शुरू कर दी । इस पर स्टोक्स ने अंग्रेजी में एक वाक्य बोल दिया कि इन लोगो को इस तरह टॉक करने का ये मामला नहीं है। इस पर भाजपा विधायक बोले, कि जवाब नहीं मिला  और सदन में शोरगुल शुरू हो गया।

सतापक्ष की ओर से कांग्रेस विधायक नीरज विधायक ने कुछ टिप्पणी कर दी। जिस पर भाजपा विधायक भड़क गए । सतापक्ष की ओर के कई विधायक खड़े हो गए और टिप्पणियां करने लगे। इस बीच भाजपा विधायक राजीव बिंदल,रणधीर शर्मा समेत बाकी विधायकों ने सतापक्ष की ओर इशारा करते हुएतल्ख लहजे में कहा कि आप बैठ जाइए। विधायकों  ने स्पीकर से कहा कि कांग्रेस विधायकों को बीच में न बोलने दे। स्पीकर ने दखल भी दिया लेकिन दोनों ओर से आरोप प्रत्यारोप लगते रहे।

अंतत: भाजपा विधायक नारेबाजी करते हुए सदन से बआहीर चले गए। बिंदल ये  जाते जाते ये कहते रहे है विधायक  गाली देते  है। सीएम को जवाब देना चाहिए।

सभी विधायक वॉकआउट कर गए और सदन के बाहर दीर्घा में नारेबाजी करते रहे।

इस बीच सीएम ने कहा कि जिन कुहलों  के शिलान्यास  की बात की जा रही है उनको बजट इस सरकार के कार्याकाल में आंवटित हुए इसलिए शिलान्यास करना भी इसी सरकार का अधिकार है।

इससे पहले भाजपा विधायक सरवीण चौधरी ने कहा था कि इन दो कुहलों का काम विधायक प्राथमिकता के तहत धूमल सरकार में याुरू हो गया था। लेकिन शिलान्यास  के समय स्थानीय विधायक का कहीं  नाम तक नहीं लिया गया और न हीं उनका नाम कहीं अंकित किया गया। उनहोंने कहा  कि क्या ये राजनीति नहीं तो क्या है।

इससे पहले भटियात से भाजपा विधायक बिक्रम जरियाल ने प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवाल किया कि मिड हिमालयन प्रोजेक्ट मेंएक डिप्टी  रेंजर स्वर्ण सिंह ने अपने घर में दफ्तर खोल रखा है। उनहोंने सवाल था कि ऐसे कितने कर्मचारी है जो अपने गृह क्षेत्र में काम कर रहे है। वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी की जगी जवाब दे रहे उदयोग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि दिसंबर 2014 को प्रधान अरण्यपाल ने आदेश दे रखे है कि वन विभाग में कोई भी कर्मचारी गृहक्षेत्र में नहीं रहेगा और अब 15 रेंज अफसर,22 डिप्टी रेंज अफसर  व 56 गार्डों  का तबादला कर दिया गया है प्रक्रिया जारी है। मुकेश ने कहा कि जिस स्वर्ण सिंह का जिक्र सदन में किया गया है वो विभाग को आदेश देते है कि वो जांच पड़ताल कर कार्रवाई करे।हालांकि ये वन विभाग की स्थानंातरण नीति के तहत नहीं आता है।