धर्मशाला/तपोवन।धारा 118 में रियायत देते हुए जिला सोलना के बड़ोग में पर्यटन विकास निगम के होटल के सामने बने निजी होटल को चलाने की मंजूरी देने के विरोध में सदन में भाजपा सदस्‍यों ने वाकआउट किया और हिमाचल ऑन सेल  के नारे लगाए।धर्मशाला  में शीतकालीन सत्र में प्रश्‍नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष  प्रेम कुमारधूमल ने  पूरक सवाल कर  जानना चाहा कि सरकार ने धारा 118  का उल्‍लंघन करते हुए मैसर्स कॉरिनस होटल  हटमेंट्स को क्‍यों नियमित किया।
धूमल ने कहा कि भाजपा सरकार ने 2011 में इस जमीन को सरकार में शामिल कर दिया था क्‍योंकि ये धारा 118 का उल्‍लंघन कर बनाया गया था।
इस दौरान भाजपा सदस्‍यों ने हिमाचल ऑन सेल के नारे लगाते हुए सदन से वाकआउट कर दिया।
इससे पहले भाजपा विधायकों महेंद्र सिंह ठाकुर,रविंद्र रवि  और सतपाल सती के पूरक प्रश्‍नों का जवाब  देते हुए राजस्‍व मंत्री कौल  सिंह ठाकुर ने कहा कि केबिनेट होटल के मालिक को होटल चलाने की मंजूरी देने के लिए सक्षम है। इस होटल की मालिक एक महिला है। सरकार ने मानवता के आधार पर मंजूरी दी गई है। कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि होटल पहले से बना हुआ है और ये एक महिला का है।केबिनेट ने मानवता के नाते  और पर्यटन को बढ़ावा देने की मंशा से इस महिला को मंजूरी दी है।
इस पर धूमल ने पलटवार किया और पूछा कि धारा 188 को महिलाओं को मानवता के आधार पर कितनी मंजूरियां दी गईहै।धूमल ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने 2007में  धारा 118 के उल्‍लंघन होने के बावजूद इसे मंजूरी दी  थी। केबिनेट ने डीसी सोलन को मालिक की ओर जुर्माने के दिए दो लाख रुपए जमा कराने को कहा था। जिसे बाद में जमा करने से डीसी ने यक कहकर इंकार कर दिया था कि इस तरह का कोई कानून नहीं है।धूमल ने कहा कि जो होटल 118  का उल्‍लंघन करते हुए बना हो उसे नियमित करने का क्‍या औचित्‍य है।उनकी भाजपा सरकार ने इस मामले पर पुनर्विचार कर इसे सरकार मं शामिल करने काआदेश दिया था। भाजपा विधायक राजीव सेजल  नेकहा कि ये होटल पर्यटन विकास निगम के होटल  पाइनवुड के बिलकुल सामने है।
सदन में कौल सिंह ने कह कि 25 दिसबंर 2012 से 31 अक्‍तूबर 2014 तक240 मामलों में धारा 118 की मंजूरीदी गई है।इनमें से अधिकांश गैरकृषक है।जबकि लैंड यूज में बदलाव की मंजूरी  केवल पांच मामलों में दीगई है। कौल सिंह ने  पूर्व की धूमल सरकार पर हमला करते हुए कहा कि धूमल सरकार  ने गैरहिमाचलियों को  तरजीह दी यहांतक गरीबों की जमीनों तक को नहीं छोड़ा।