नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केबिनेट का पहला केबिनेट विस्‍तार विपक्ष की गैरमौजूदगी में हुआ। विपक्ष का कोई भी नेता  मोदी के मंत्रियों के शपथ समारेाह  में नहीं पहुंचा। इसके अलावा भाजपा की साझीदार पार्टी शिवसेना ने भी मोदी के केबिनेट विस्‍तार से किनारा कर लिया।शिवसेना के सांसद अनिल अनिल देसाई को मंत्रिपद की शपथ दी जानी थी लेकिन वह नहीं आए। शिवसेना के साथ ये सीधे टकराव का रास्‍ता अख्तियार कर मोदी ने उद्धव ठाकरे को  नाक रगड़वाने या सरकार  से बाहर रहने का दर्दनाक  का विकल्‍प खड़ा कर दिया।

लेकिन अचंभे की बात है कि शिवसेना की ओर से सुरेश  प्रभु को मोदी ने भाजपा के कोटे से मंत्री बना दिया है। शिवसेना को उनके मामले पर अभी फैसला लेना है।इस तरह को शिवसेना को  तोड़ने का काम भी मोदी ने इस केबिनेट विस्‍तार के जरिए कर दिया है।

मोदी  की राजनीति में इंदिरा गांधी की राजनीति की छवि को देखा जा रहा है। जिस तरह से इंदिरा गांधी अपने विरोधियों  को बेदर्दी से चित करती थी मोदी भी उसी तरह का एजेंडा  चला रहे है।पहले आडवाणी,शांता,जसवंत सरीखे नेताओं को सबक सिखाया  और इस बार शिवसेना के साथ कइयोें को कई तरह के संकेत दिए है।

वितमंत्री अरुण जेटली के पर काटने के लिए अपने सबसे ज्‍यादा विश्‍वस्‍त गोवा के सीएम मनोहर पर्रिकर  को खासतौर पर लाया गया है।हालांकि अरुण जेटली ने खुद एक ही मंत्रालय  रखने की बात कहीथी।लेकिन कहते है  कि वो उन्‍होंने खुद की फजीहत होने से बचने के लिए कहा था। उन्‍हें कई दिनों से पीएमओ से तरह तरह  संकेत दिए जा रहे थे और वो पीएमओ के  संकेतोंं की भाषा  को वो समझ भी रहीे थे।सोशल मीडिया में कई बार उनकी दुर्गत करने की कोशिशें की गई।जेटली खुद को प्रधानमंत्री का दावेदार मानते है। नए मंत्रियों  को मंत्रालय आवंटित करते हुए राजनाथ सिंह,नितिन गडकरी  पर भी काटे जाने की संभावना है।

उधर ,केबिनेट विस्‍तार पर विशेषज्ञों  का मामना है कि मोदी सरकार के यह शक्ति का केंद्र करण कर हर चीज पीएमओ से चलाने का एजेंडा है।सब कुछ केंद्रीकृत है ,इसके परिणाम कैसे होंगे ये सामने आने है।विशेषज्ञाों को मानना  है  कि ये पूरी तरह इंदिरा गांधी का स्‍टाइल है।

राष्‍ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने आज इन निम्‍न मंत्रियों को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई।

कैबिनेट मंत्री
मनोहर पर्रिकर
सुरेश प्रभु

जगत प्रकाश नड्डा

चौधरी बीरेन्‍द्र सिंह

राज्‍य मंत्री ;स्‍वतंत्र प्रभार
बंडारू दत्‍तात्रेय
राजीव प्रताप रूड़ी
महेश शर्मा

राज्‍य मंत्री
मुख्‍तार अब्‍बास नकवी
राम कृपाल यादव
हरिभाई पार्थीभाई चौधरी
सांवर लाल जाट
मोहनभाई कल्‍याणजीभाई कुंदरि‍या
गिरिराज सिंह
हंसराज गंगाराम अहीर
राम शंकर कथेरिया
वाईएस चौधरी
जयंत सिन्‍हा
कर्नल राज्‍यवर्द्धन सिंह राठौर
बाबुल सुप्रि‍या ;बाबुल सुप्रियोद्ध बराल
साध्‍वी निरंजन ज्‍योति
विजय सांपला

राष्‍ट्रपति ने आज राष्‍ट्रपति भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में मं‍त्रिमंडल के उपर्युक्‍त 21 सदस्‍यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। श्री अनिल देसाई को पद एवं गोपनीयता की शपथ नहीं दिलाई जा सकी क्‍योंकि वह इसके लिए उपलब्‍ध नहीं थे।