शिमला।केंद्रीय वित मंत्री  मंत्री  अरुण जेटली  के विभाग आयकर विभाग ने  हिमाचल हाईकोर्ट में मुख्‍यमंत्री वीरभ्रद सिंह   के आयकर  रिटर्न मामले में   पर कड़ा रुख अपना दिया है। आयकर विभाग ने  बुधवार को  हाईकोर्ट  में  कहा  के  वीरभद्र  सिंह  की  मंशा इस याचिका को  दायर कर रिटर्न जांच को लंबा खींचने की है  और ये याचिका मेंनेटेनेबल नहीं है।आयकर विभाग ने दलील दी कि वीरभद्र सिंह के किसी भी अधिकार को आंच नहीं आ रही  है और विभाग ने अपनी हर कार्यवाही संविधान के तहत की है। याचिकाकर्ता को आदेश देने से पहले सुना गया है   और वह आदेश के  खिलाफ अपील कर सकते है।जेटली  के विभाग के आयकर आयुक्‍त ने अदालत में ये भी कहा  कि अदालत का स्‍टे का आदेश आने से पहले ही  ज्‍यूरीडिक्‍शन और मामले से जुड़ा सारा रिकार्ड 21 जुलाई को ही कमिशनर टैक्‍स सेंट्रल सर्कल गुड़गांव   और  डिप्‍टी कमिशनर   सेंट्रल  सर्कल चंडीगढ़ को  आगे की  जांच के लिए  ट्रांसफर  कर दिया है। ऐसे में अब वह  भी इस मामले में जरूरी पार्टी है। अायुक्‍त ने  कहा कि हिमाचल में  जिन लोगों का  वीरभद्र सिंह व उनके परिवार वालों के साथ वितीय  लेनेदेन रहा है, के मामले पहले ही  डिप्‍टी कमिशनर आईटी,सेंट्रल  सर्कल ,चंडीगढ़ को ट्रांसफर कर दिए है और  11 अन्‍य लोगों  के  मामले जो दिल्‍ली में एसेस  हो रहे  को भी  चंडीगढ़ भेजा  जा रहा है।आयकर विभाग ने बुधवार को  स्‍टे खाली करने के लिए भी हाईकोर्ट में अर्जी डाली ।हाईकोर्ट के मुख्‍य न्‍यायाधीश मंसूर अहमद  मीर ओर जस्टिस त्रिलोक चौहान  ने  जजमेंट रिजर्व रख दी है।आयकर विभाग ने वीरभद्र सिंह  व उनके परिवार  वालों की ओर से मामलों  को चंडीगढ़  ट्रांसफर करने  व जांच के  आयकर विभाग के आदेश  को स्‍टे करने पर प्रारंभिक  आपतियों दर्ज कराई।हाईकोर्ट नेअपने चार अगस्‍त के आदेश में  इन मामलों को ट्रांसफर करने के आदेश को स्‍टे कर दिया था। हाईकोर्ट ने ये स्टे वीरभद्र सिंह, उनकी पत्‍नी पूर्व सांसद प्रतिभासिंह उनके पुत्र  व प्रदेश  युवा कांग्रेस के अध्‍यक्ष विक्रमादित्‍य सिंह, उनकी पुत्री अपराजिता सिंह,वीरभद्र सिंह के बगीचों के केयरटेकर  आनंद चौहान  और  मैसर्स यूनिवर्सल एप्‍पल के मालिक चुन्‍नी  की  याचिका पर दियाथा। इन सबने  आयकर विभाग के आदेश को चुनौती दी थी।इन्‍होंने अपनी  याचिका मेंकहा था कि समन्वित  और संयुक्‍त  जांच शिमला में भी हो सकती  है। इनहोंने  कहा कि आयुक्‍त ने ये   ट्रांसफर आदेश  उन्‍हें परेशान करने के लिए किए है।

उधर , भरोसेमंद सूत्रों के मुताबिक  केंद्रीय वित मंत्री अरुण जेटली  ने  हर पेशी पर आयकर विभाग की महिला अधिकारी की मौजूदगी हाईकोर्ट में  सुनिश्चित कराई  ।इसके लिए  विभाग के  स्‍टैंडिंग काउंसलर  को  भी विभाग की ओर से हिदायतें दी गई थी।

यहां यह गौरतलब है कि वीरभ्रद्र सिंह ने एचपीसीए मामले में धूमल और उनके पुत्र अनुराग ठाकुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई  और अब दो मामले में अदालत मेंचालान  जा चुकाहै। एक मामले में धूमल और उनके पुत्रों अनुराग ठाकर औ अरुण धूमल  समेत 16 लोगों के खिलाफ धर्मशाला की अदालत में  ट्रायल शुरू हो गया है।वीरभद्र सिंह के इन मामलों को सता में आने से पहले जेटली ने जोरोशोरो से उठाया था। अब वो खुद  वित मंत्री है।धूमल  और अनुराग  की जेटली के साथगहरी दोस्‍ती है।

उधर,वीबीएस  रिश्‍वत कां ड   में  दिल्‍ली हाईकोर्ट में अगली सुनवाई अब 16 अक्‍तूबर को होनी है।