शिमला।शिमला की मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी   की अदालत ने पूर्व मुख्‍यमंत्री प्रेम कुमार धूमल,  उनके बेटे व भाजपा  सांसद अनुराग ठाकुर और उनके दूसरे पुत्र  अरूण धूमल के खिलाफ  वीरभद्र सिंह द्वारा दायर मानहानि मामले में संज्ञान लिया है। इस मामले में वीरभद्रसिंह ने केंद्रीय वित मंत्री अरुण जेटली को पर भी मानहानि का दावा ठोका था। लेकिन इसे बाद में वापस ले  लिया था।
मुख्‍यमंत्री  वीरभ्रद  सिंह की ओर से पैरवी कर रहे   उनके वकीलों ने कहा कि  न्यायालय ने सुनवाई की अगली तिथि 1 नवम्बर निर्धारित की है।

गौरतलब हो कि  वीरभद्र सिंह  ने मीडिया के माध्यम से उनके और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण अभियान चलाने के लिए प्रेम कुमार धूमल, श्री अनुराग ठाकुर और श्री अरूण धूमल के खिलाफ मानहानि का मामला दायर  किया था। उन्होंने राजनीतिक मकसद से मीडिया में उनकी आयकर रिटर्न, ऋण इत्यादि को लेकर  मुद्दों को उछाला था।

प्रेम कुमार धूमल,  अनुराग ठाकुर और अरूण धूमल ने वक्‍कामूला  चंद्रशेखर  की  विद्युत परियोजना को लाभ देने के संबंध में वीरभद्र सिंह पर झूठे और गंभीर आरोप लगाए हैं। धूमल परिवार ने अपने प्रेस सम्मेलनों में भी उन महत्वपूर्ण तथ्यों को जान-बूझकर छुपाया जो उनके राजनीतिक स्वार्थों के लिए उपयुक्त हों। उन्होंने चुनी हुई जानकारी ही मीडिया को दी तथा महत्वपूर्ण तथ्यों को छुपाकर और तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत कर लोगों को गुमराह करने की कोशिश की।

गौरतलब हो  कि वीरभद्र सिंह और प्रेम कुमार धूमल के परिवारों के बीच जमकर जंग चली हुई है।एचपीसीए मामले में वीरभद्र सिंह सरकार ने धूमल ,अनुराग और अरुण के खिलाफ  मामला अदालत भेज दिया है तो धूमल उनके देनों पुत्र वीरभद्र सिंह केखिलाफ अभियान  छेड़े हुए है।