बेंगलुरू। तमिलनाडु की मुख्‍यमंत्री  जे जयललिता  को 18 साल पहले के आय से अधिक संपति के एक मामले में बेंगलुरू की एक अदालत ने आईपीसी की धारा 120बी,109और भ्रष्‍टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 13/1/इ  के तहत दोषी करार दिया।अदालत ने 66 करोड़ रुपए के आय से अधिक मामले में  चार साल जेल की सजा सुनाई है और 100 करोड़ का जुर्माना ठोका है।जयललिता को जमानत के लिए हाईकोर्ट जाना होगा तब तक वो जेल में रहेंगी।मिलनाड़ में कई जगह पर हिंसा फैल गई हे। पुलिस ने कई जमह धारा 144 लगा  दी है।

अदालत की ओर से दोषी ठहराए जाने ओर चार साल की सजा सुनाए जाने के बाद जयललिता से मुख्‍यमंत्री का पद दिन गयाहै।उन्‍होंने मुख्‍यमंत्री के पदसे इस्‍तीफा दे दिया हे। जयललिता  को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और मेडिकल  चैकअप के लिए अस्‍पताल भेज दिया गया है।सजा सुनाए जाने के समय जयललिता अदालत में मौजूद थी।  उन्‍होंने बाद सिर चकराने और  दिल में दर्द की शिकायत की।

इस मामले में बाकी सभी आरोपियों को दोषी ठहराया  गया है और10-10 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है। अदालत का फैसला आने के बाद जयललिता की विधायिकी खतम हो गई है।

यह मामला 1991 से  1995 के बीच का है जब जयललिता तमिलनाडु की मुख्‍यमंत्री बनी थी। 1996 में डीएमके केकरूणानिधि के मुख्‍यमंत्री बनने के बाद जयललिता के खिलाफ यह मामला दर्ज कर  किया गया था।अदालत का फैसला आने केबाद जयललिता के समर्थकोेें ने पत्‍थराव किया । पुलिस ने करूणानिधि   के आवास  की सुरक्षा बढ़ा  दी है।

उधर , अब जयललिता  10 साल तक चुनाव  नहीं लड़ पाएगी।