शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता गंगूराम मुसाफिर की चुनाव याचिका खारिज करते हुए उन पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।

हाईकोर्ट के जस्टिस वी के शर्मा ने अपनी जजमेंट में कहा है कि गंगूराम मुसाफिर की ओर से लगाए गए सारे आरोप साबित  नहीं हो पारहे है । जो गवाह पेश किए गए है वो सब पार्टी के कार्यकर्ता   है उन पर भरोसा नहीं किया जा सकता।जिला सिरमौर  के पच्‍छाद विधानसभा हलके से  दिसंबर  2012 में   कांग्रेस के टिकट पर खड़े हुए मुसाफिर इन चुनावों मेंभाजपा प्रत्‍याश्‍ाी सुरेश  कश्‍यप से हार गए थे।

मुसाफिर ने  आरोप लगाया था के भाजपा प्रत्‍याशी सुरेश कुमार ने जाति के नाम पर  बटोरें और विभिन्‍न चुनावी बैठकों  में  कहा कि पच्‍छाद में 13 हजार के करीब कोली जाति के  मतदाता है और  अब तक चमार जाति का प्रत्‍यायाी जीतता रहा है। इसलिए इस बार कोली  जाति के मतदाताओं  को एक होकर  भाजपा प्रत्‍याशी को जीताना चाहिए। इसके अलावा भाजपा  प्रत्‍याशी पर उन्‍होंने फर्जी वोटिंग कराने का  आरोप भी लगाया था।

भाजपा प्रत्‍यायाी सुरेश कुमार की ओर से सतपाल जैन ने पैरवी की। अदालत ने सोमवार कोसुनवाए अपने फैसले में कहा कि गंगू राम मुसाफिर  25 हजार रुपए बतौर हर्जाना भाजपा विधायक सुरेश कुमार को अदा करे और गंगू  राम मुसाफिर की याचिका खारिज कर दी।