शिमला।हिमाचल प्रदेश में लोकसभा की चार सीटों को झटकने के लिए प्रदेश भाजपा के मिशन -2014  को मुख्‍यमंत्री वीरभद्र सिंह,पार्टी के बागी व विजीलेंस विभाग से बड़ी चुनौती मिल रही है।  मानहानि का मुकदमा करने के बावजूद मुख्‍यमंत्री वीरभद्र सिंह  के भ्रष्‍टाचार को लेकर पार्टी जनता के बीच कूदने जा रही है और चारों लोकसभा सीटें मोदी के नाम  करने का सपना पाले है। मिशन  2014  को लेकर  पार्टी के प्रदेशाध्‍यक्ष सतपाल सती  सेखास बातचीत के खास अंश। 

भाजपा के राष्‍ट्रीय परिषद की बैठक में हिमाचल को लेकर क्‍या एजेंडा रहा।

लोकसभा चुनावों को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए। इसके अलावा मोदी को सुजानपुर में रखी रैली में दो लाख लोगों  को पहुंचाने का टारगेट दिया गया है। ये देश की सबसे बड़ी  रैली होने जा रही है।

मोदी की रैली  भाजपा के सबसे मजबूत गढ़ हमीरपुर में ही क्‍यों रखी गई है। क्‍या धूमल और अनुराग का गढ़ दरक रहा है।

नहीं ऐसा नहीं है।सुजानपुर में हिमाचल का सबसे बड़ा ग्राउंड है। प्रदेश में दो लाख  लोगों की रैली  करने के लिए जगह नहीं है। इसलिए सोच विचार कर सुजानपुर में रैली रखी गई। इसके अलावा तीन लोकसभा हलकों के 16 विधानसभा  हलके इससे जुड़े है। कोशिश  की जा रही है कि चुनाव प्रचार के दौरान शिमला और कांगड़ा में मोदी की रैली कराई जाए।

मिशन-2014 के लिए जीत हासिल करने के लिए भाजपा किन मसलों को लेकर जनता के बीच जाएगी।

 

भाजपा सभी लोकसभा हलकों का अलग घोषणापत्र बनाएगी जिस पर  मोदी से प्रधएानमंत्री बनने पर अमल करने की मांग की जाएगी । इसके अलावा महंगाई,बेरोजगारी के अलावा प्रदेश की वीरभद्र सिंह सरकार के डेढ साल की विफलता  को जनता के बीच ले जाया जाएगा।

 इस चुनाव में भ्रष्‍टाचार का मुददा कितना मायने रखेग।

 

 भ्रष्‍टाचार का मसला तो मुख्‍य मसलाहोगा।हिमाचल का मुख्‍यमंत्री भ्रष्‍टाचारी है। कांग्रेस आलाकमान उन्‍हें हटा नहीं रहा है।जांच हो नहीं रही है। वो दिल्‍ली  में ब्‍यानबाजी कर आते है। मानहानि  के दावे कर रहे है। वो पहले भी इस तरह के दावे कर चुके है। उनका क्‍या हुआ जनता सब जानती है। मुख्‍यमंत्री  का भ्रष्‍टाचार मुख्‍य मुददा होगा।भाजपा उनके एक -एक कारनामें को जनता के बीच ले जाएगी।

आप कह रहे है वीरभद्र सिंह  भ्रष्‍टाचारी  है लेकिन भाजपा के सांसद अनुराग ठाकुर  दूसरे सांसद वीरेंद्र कश्‍यप भी अछूते नहीं है। एक के खिलाफ एफआईआर है दूसरे पर  कैश ऑन कैमरा को लेकर अंगुली उठी हुई।

वीरभद्र सिंह ने एचपीसीए  को लेकर अभियान छेड़ा हुआ है। अनुराग ठाकुर  के खिलाफ एचपीसीए  को लेकर एफआईआर दर्ज है।उन्‍होंने ग्राउंड बना के दिए है। काम करते हुए कोई नकोई कमी रह जाती है। अपने  लिए थोडे़ ही कुछ किया है। उसे  आप भ्रष्‍टाचार  कैसे कह सकते है।धर्मशाला में विधानसभा का निर्माण भी तो नौतोड़  पर हुआ है।क्‍या उसे ढहा दिया जाएगा। ये भ्रष्‍टाचार नहीं है। 

सांसद वीरेंद्र कश्‍यप को  लेकर ज्‍यादा जानकारी नहीं है।अगर कुछ गलत किया होगा और सामने आएगा तो पार्टी उस पर  निर्णय करेगी।

भ्रष्‍टाचार  को लेकर धूमल परिवार और वीरभद्र सिंह परिवार में युद्ध छि़ड़ा है

 ये परिवार के खिलाफ लड़ाई नहीं है। वीरभद्र सिंह  के भ्रष्‍टाचार  और कांग्रेस पार्टी  सरकार के भ्रष्‍टाचार  के विरोध के खिलाफ ये बीजेपी  की लड़ाई  है।

वीरभद्र सिंह  ने भाजपा को चार्जशीट लोकायुक्‍त  को देने की चुनौती दी है।

वीरभद्र खुद चार्जशीट  को लोकायुक्‍त  को भेजे। वह खुद क्‍यों नहीं भेजते। सबको पता है लोकायुक्‍त  में कैसी जांच होती है। वहां कौन बिठाए जाते है। वह विजीलेंस से जांच कराए। सीबीआई  से जांच कराएं पर पहले इस्‍तीफा दें।

 

कांग्रेस भी चार्जशीट देती और भाजपा भी। दोनों चार्जशीटिड पार्टियां  एक दूसरे के खिलाफ चार्जशीट दे रही है।

जो गलत काम करेगा उस  को लेकर व्‍यक्ति बोलेगा ही।  वो जांच कर ही रहे।अगर हमारे लोगों ने गलत किया है तो उनके खिलाफ  कार्रवाई की जाए।  हम सता  में आएंगे तो हम  भी जांच  करेंगे।  नैक्‍सस  थोड़े ही चलने दिया जाएगा।

क्‍या बागियों की वापसी को लेकर कोई बातचीत हुई है।

बागियों को वापस पार्टी  में लाने के लिए वन टू वन बातचीत चल रही है। सभी बागियों को वापस लेने के प्रयास हो रहे है।

 क्‍या महेश्‍वर सिंह और राजन सुशांत को भी वापस लिया जाएगा।

 

जिन्‍होंने अपने पार्टियों बना ली है उन्‍हें वापस नहीं लिया जाएगा। वो अपनी-अपनी पार्टियां चलाएं। हिलोपा से किसी को भी वापस नहीं लिया जाएगा। उनसे कोई बात नहीं की जाएगी। वह व राजन सुशांत बाहर है।

राजन सुशांत  ने धूमल  के साथ साथ शांता  कुमार के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया है।

वो किसी के खिलाफ  भी हमला बोल सकते है। जब तक उनका स्‍वार्थ होता है तब तक वह साथ चिपके रहते है।वह पहले भी धूमल  के खिलाफ भ्रष्‍टाचार के  आरोप  लगा चुके है।उनसे कोई बात नहीं होगी। वह बाहर ही रहे ठीक है। इससे पार्टी  को कोई असर नहीं पड़ने वाला है।

चार लोकसभा सीटों में से कौन सीट पर पार्टी सबसे ज्‍यादा कमजोर है।

कमजोर  तो किसी भी सीट पर नहींहै।पूरा जोर लगाएंगे  और चारों सीटें जीतेंगे।