रांची। 37.7करोड़ रुपए के चर्चित चारा घोटाले में आरोपी बिहार के पूर्व मुख्‍यमंत्री  लालू प्रसाद यादव,पूर्व मुख्‍यमंत्री जगन्‍नाथ मिश्रा,पूर्व मंत्री दिया सांगर निषाद समेत 45 लोगों को दोषी करार दे दिया गया है। इनमें कई आईएएस अफसर भी शामिल है। लालू को अदालत से ही जेल भेज दिया गया है। लालू को अन्‍य नेताओं समेत बिरसामुंडा जेल में रहेंगे।

लालू को कितने साल की सजा मिलनी है ये तीन अक्‍तूबर को तय किया जाएगा।  बिहार की चाईबासा कोषागार से गैर कानूनी तौर पर 37.7 करोड़  का फर्जीवाड़ा किया गया था। 17 साल  तक चले  इस मामले में सीबीआई ने जांच की थी। तीन अक्‍तूबर को लालू को जेल में ही वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सजा सुना दी जाएगी।

 

अदालत के इस फैसले से बिहार की राजनीति में दिलचस्‍प मोड़ आ गया है।

लालू के वकील चितरंजन सिन्‍हा ने सजा सुनाए जाने के बाद कहा कि वो सीबीआई अदालत के फैसले  के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दाखिल करेंगे। लालू को सजा  होने के बाद उनकी संसद सदस्‍यता खत्‍म हो जाएगी व नए कानून के बाद वो चुनाव भी नहीं लड़  पाएंगे। इस मामले में लालू दो बार पहले भी जेल की हवा खा चुके हे।

 

इस मामले पर लालू के बेटे तेजस्‍वी  ने कहा कि उनके खिलाफ साजिश रची गई है और इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।पार्टी के वरिष्‍ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने  कहा कि पार्टी इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की जाएगी।

उधर बीजेपी ने अदालत के फैसले  को ऐतिहासिक बताते हुए इसे बिहार को इंसाफ मिलना बताया है। हालांकि बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के प्रत्‍याशी  नरेंद्र  मोदी  को इससे झटका लगा है। लालू और मोदी एक अरसे से आपस  में संपर्क में थे और लोकसभा चुनावों में बीजेपी आरजेडी से गठबंधन करने की मंशा पाले हुई थी। लेकिन अब  बीजेपी  ऐसा नहीं कर सकती।बिहार में बीजेपी ने नीतिश कुमार से किनारा कर लिया है।अबबीजेपी वहां अलग थलग हो गई है। इसके आगामी लोकसभा चुनावों मेंबीजेपी के लिए परिणाम भुगतने पड़ सकते है।