शिमला। प्रदेश विवि  की ओर से अमन काचरू मामले में चारों दोषियों को एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के लिए दी गई मंजूरी पर अमन काचरू के पिता राजेंद्र काचरू ने कहा है कि दुनिया के किसी स्‍कूल, कॉलेज व विवि में चार साल बाद किसी को कोर्स पूरा करने इजाजत नहीं दी जाती। अगर सरकार और वाइस चांसलर,प्रशासन ही नियमों का उल्‍ल्‍ंघन करने पर आए जाए तो कोई कुछ नहीं कर सकता।

जिनकी सिफारिश,राजनीतिक पहुंच और रिश्‍वत देने की क्षमता है वो कुछ भी कर सकता है।इन लोगों की भी पहुंच  होगी। कुछ न कुछ तो जरूर किया होगा। नियम तो इजाजत नहीं देते।विवि की ईसी ने आज अमन काचरू की मौत के लिए जिम्‍मेदार अभिनव वर्मा,मुकल शर्मा, अजय वर्मा व नवीन वर्मा को एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने की इजाजत देकर उनके डाक्‍टर बनने का रास्‍ता  साफ कर दिया है।

 

उन्‍होंने कहा कि पूरी दुनिया में चार साल कहीं भी चार साल बाद कोर्स पूरा करने का प्रावधान नहीं है। दोबारा एडमिशन लेनी पड़ती है । सरकार  और प्रदेश के शिक्षण संस्‍थानों में भी ऐसा प्रावधान नहीं है। देश के सामने ये पहला मामला है जहां पर नियमों का मजाक उड़ाया गया है।उन्‍होंने कहा कि उनकी उनके इकलोते बेटे की मौत के लिए जिम्‍मेदार इन चारों लड़कों से कोई दुश्‍मनी नहीं है।  रैगिंग के खिलाफ उन्‍होंने देश भर में अभियान छेड़ा  व वो ऊंचाई पर पहुंचा । वो इस मामले में कतई  भी व्‍यक्तिगत नहीं है।उनके लिए ये लड़ाई नहीं है।  वो अदालत में जाकर अपना समय भी खराब नहीं करना चाहते। सरकार  की मर्जी है  कि वो क्‍या चाहती है।  अगर वो बदलाव नहीं लाना चाहती तो वो कुछ नहीं कर सकते ।कोई भी व्‍यक्ति  कुछ  नहीं कर सकता।

 

राजेंद्र  काचरू ने कहा कि ये छोटा मामला बेशक है लेकिन इसके अंजाम बहुत बड़े होंगे।  पूरा देश इस  देख रहा है।उन्‍होंने कहा कि उन्‍होंने  सरकार को कहा था कि वो इन्‍हें बीएसी,बीए  की पढ़ाई करने की इजाजत दे। लेकिन हिमाचल सरकार ने वो काम किया है जो दुनियार में न तो हुआ है ओर न ही कहीं सुना है।