शिमला । हिमाचल प्रदेश विश्‍वविदयालय ने टांडा मेडिकल कॉलेज धर्मशाला  में  रैगिंग  के दौरान मारे गए एमबीबीएस  के छात्र अमन काचरू मामले में दोषी पाए गए चारों छात्रों को आगे की पढ़ाई जारी रखने की अनुमति प्रदान कर दी है। आज विवि ईसी की हुई बैठक में ये फैसला लिया गया। अमन काचरू  की मौत के लिए दोषी  करार दिए गए ये चारों छात्र  जहां  इन्‍होंने पढ़ाई छोड़ी थी वहीं से ये अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे।

19  साल  के एमबीबीएस फर्स्‍ट  ईयर के स्‍टूडेंट अमन काचरू की 9 मार्च 2009 को मौत हो गई थी। उसके सीनियर अभिनव वर्मा,मुकुल शर्मा, नवीन वर्मा  और अजय वर्मा ने  6 व सात मार्च 2009  की रात को अमन काचरू की शराब के नशे में बुरी तरह से पिटाई की थी। इन चारों को अतिरिक्‍त सेशन जज धर्मशाला पुरिंदर वैदय ने 11 नवंबर 2011 को अमन काचरू की मौत के जिम्‍मदार ठहराकर उन्‍हें चार चार  साल की सजा सुनाई थी विवि के इस फैसले पर अमन काचरू के पिता राजेंद्र काचरू ने कहा कि दुनिया में आज तक ऐसा कहीं नहीं हुआ है। कानून की धज्जियां उड़ाई गई है।

 

प्रदेश सरकार ने 15 अगस्‍त 2012  को  इन चारों की सजा  को कम कर इन्‍हें नौ  महीने पहले ही आजाद कर दिया था। इनकी सजा  मार्च 2013  में पूरी होनीथी।  काचरू  के परिवार ने सजा कम  करने  का उस समय दुखद बताया था व कहा था  कि इससे  रैगिंग  को लेकर गलत संदेश जा रहा है। ये चारों धर्मशाला  और हमीरपुर की जेलों  में सजा काट रहे थे। अमन काचरू के पिता ने तब कहा था कि प्रदेश सरकार पूरे देश की भावना के खिलाफ कदम उठाया है।

 

प्रदेश सरकार ने इसी साल इस मामले को विवि  को भेजा था आज  ईसी ने काचरू की मौत के दोषियों का डॉक्‍टर  बनने  का रास्‍ता साफ  कर दिया है।

 

 

2. परिषद् ने इसके अलावा विभिन्न प्रोजेक्टों में काम कर रहे उन कर्मचारियों जिन्होंने

 

सात वर्ष से अधिक कार्यकाल पूर्ण कर लिया है को उन्हीं प्रोजेक्टों में रिक्त स्थानों पर नियमित करने के लिए जनार्था कमेटी की ओर से दी गई सिफारिशों को भी मंजूर कर लिया है। पैन्शन कॉरपस फंड के लिए बनी कमेटी की सिफारिशों को भी सैंद्धांतिक तौर पर मंजूर किया।

 

एम.बी.बी.एस. कोर्स में जगदम्बा देवी सूद मैमोरियल स्वर्ण पदक प्रदान किए जाने व शारीरिक शिक्षा विभाग में एम.पी.एड़ कोर्स आरम्भ करने को मुंजूरी दी ।एम.ए. कक्षाओं में छात्रों को 50 प्रतिशत अंक बनाने के लिए दो विशेष अवसर प्रदान  किए गए। यह अवसर नवम्बर, 2013 और जून, 2014 में दिए जाएंगे तथा इसकी फीस 5000 रूपये रखी गई है।  बैठक के दौरान चौधरी वरयाम सिंह बैंस ने कार्यकारिणी परिषद् द्वारा पूर्व में  कर्मचारियों की अपग्रेडेशन के माध्यम से पदोन्नति के आदेश जारी करने, विश्वविद्यालय में खाली पड़े पदों का श्रेणीबार ब्यौरा अगली बैठक में रखने, वित्तीय स्थिति एवं लम्बित देनदारियों पर श्वेत पत्र तथा अनुबंध आधार पर सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को रिक्त पदों पर नियमित करने का मामला उठाया।