शिमला।मंत्रियों और विधायकों के वेतन–भतों की बढ़ोतरी के खिलाफ धरने पर बैठे एक शख्‍स को पुलिस जबरन उठा ले गई।ऊना का अश्‍वनी कुमार नामक ये शख्‍स सुबह डीसी  ऑफिस के बाहर धरने पर बैठा था। अश्‍वनी मांग कर रहा था कि मंत्री और  विधायक अपने वेतन व भते खुद ही मनमर्जी से बढ़ा कर जनता के पैसे की  लूट मचाई है। उन्‍होंने चार दिन पहले राज्‍यपाल को चिटठी लिखी थी व उनसे मंत्रियों और विधायकों की ओर से विधानसभा में बढ़ाए गए वेतन भतों के फैसले को निरस्‍त करने की मांग की थी।

सदर थाना  पुलिस की टीम  इस शख्‍स को दोपहर12 बजे के करीब उठाकर थाने ले गई। पुलिस की दलील थी कि इसके पास धरने पर बैठने की अनुमति नहीं है।अश्‍वनी कुमार  को  पुलिस ने शाम  साढे  पांच  बजे  एसडीएम  के सामने  पेश किया  जिसे  वहां  से  रिहा  कर  दिया।

 

रिहा होने के बाद अश्‍वनी  ने पत्रकारों से कहा कि एक  मंत्री  व विधायक को 50  हजार  रुपए वेतन दिया जा  रहा है।  जबकि कांट्रेक्‍ट  पर  तैनात  टीचर को सात  आठ  हजार  रुपए मिलते  है।ये नेता और मंत्री कई  लोगों का  रोजगार खा  रहे है। दूसरे लोगों को  रोजगार मिलना  चाहिए। उन्‍होंने कहा कि अगर उनकी मांग नहीं मानी गई तो वो अगले शनिवार से भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे। पेशे से फूलों की सज्‍जा का कारोबार करते  है।डीसी ने उन्‍हें एक  घंटे  तक  धरने  पर  बैठने  की इजाजत दी थी। उसके बाद पुलिस ने उन्‍हें धरने  से  उठा  लिया।