शिमला । अब हिमाचल में बर्फबारी के दौरान बंद पड़ी सड़कों को खोलने के नया तरीका इस्‍तेमाल किया जाएगा। इस तरीके से बर्फ हटाने का खर्च भी बेहद कम हैं।

सुखविदंर सिंह सुक्‍खू सरकार के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्‍य सिंह ने ये नई पहल की हैं। याद रहे बर्फबारी के दौरान प्रदेश की राजधानी समेत कई जिलों में सड़कं बंद हो जाया करती थी। यातयात ठप हो जाता था।

लेकिन अब इस तरीके से बर्फ हटाने का काम आसान हो जाएगा। यह पहल शुरू में राजधानी शिमला में शुरू की जा रही हैं।

ये घोल गायब कर देगा बर्फ

मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि अब बर्फ पिघलाने के लिए को कैल्शियम क्लोराइड और ब्राइन के मिश्रण के घोल को पानी के साथ मिलाकर छिड़काया जाएगा। घोल बनाने के प्‍लांट को शिमला में स्‍थपित कर दिया हैं। उन्होंने कि शिमला शहर की सड़कों पर छिडकाया जायेगा जिससे सड़कों पर बर्फ नहीं जमेगी।शिमला के बाद लोक निर्माण विभाग की ओर से आने वाले समय में 12 भारी बर्फबारी वाले क्षेत्रों में ऐसे प्लांट स्थापित किये जायेंगे।

है बेहद फिफायती

विक्रमादित्‍य सिंह के मुताबिक यह विधि बेहद किफायती है और इसका खर्च मात्र 500 रुपए प्रति किलोमीटर सिंगल लेन है। यानी खर्च बहुत कम हो जाएगा।

 

पहले होता था भ्रष्‍टाचार

मंत्री विक्रमादित्‍य सिंह ने कहा कि पहले बर्फ हटाने के कार्य में भ्रष्टाचार होता था जिसको लेकर उन्होंने पूर्व में भी कई बार विधानसभा में आवाज उठाई थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने भ्रष्टाचार पर पूर्ण रूप से रोक लगाने के लिए यह पहल की है जिसके तहत इस प्लांट  को स्‍थापित किया गया है। और सड़कों से बर्फ साफ़ करने के कार्य में जो भ्रष्टाचार पूर्व में होता था उस पर भी पूर्ण रूप से रोक लगेगी। ।

हादसों का खतरा थमेगा

उन्होंने कहा कि अक्सर बुजुर्ग और बच्चे सड़कों पर जमी हुई बर्फ पर चलते हुए गिर कर घायल हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि अब इस विधि से सड़कों पर बर्फ नहीं जमेगी जिससे बर्फबारी के दौरान यातायात सुचारु रहेगा और हादसों का खतरा भी काम हो जायेगा।

 

 

बर्फबारी से निपटने के लिए विभाग पूरी तरह तैयार

लोक निर्माण मंत्री ने विभाग बर्फबारी से होने वाली परेशानी से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के जिन क्षेत्रों में अधिक बर्फ़बारी होती है उनके लिए आधुनिक मशीने उपलब्ध करवाई जा रही हैं और कुछ मशीने अस्थाई तौर पर अन्य विभागों से भी ली गई हैं ताकि उन क्षेत्रों में यातायात में कोई बाधा न आए।