चंडीगढ़।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अचानक हुई पाक यात्रा  के  कुछ ही  दिनों बाद  पंजाब के पठानकोट में एयरफोर्स स्‍टेशन  पर आंतकी हमले में सुरक्षा बलों ने पांच आंतकियों को मार गिराया है जबकि दो और आंतकियों को लेकर सर्च आपरेशन जारी  है। सेना व एनआईए  ने मोर्चा संभाल लिया है।हमले  में पाकिस्‍तानी संगठन जैश  ए मोहम्‍मद  का हाथ होने का अंदेशा जताया जा रहा है।हमले में तीन सुरक्षा कर्मी भी शहीद हुए है।इस हमले  ने मोदी सरकार की कूटनीति व सुरक्षा नीति को लेकर सवाल खड़े कर दिए है।उधर ,विपक्ष ने भी सरकार  पर सवाल दागने शुरू कर दिए है।

गंभीर मसला ये है कि एयरफोर्स व खुफिया एजेंसियों के पास जानकारी  होने के बावजूद ये हमला टाला नहीं जा सका है। न्‍यूज चैनलों के मुताबिक एयर फोर्स ने मान लिया है कि उसके पास शाम को हमले की खुफिया जानकारी थी।

इससे  पहले पंजाब में बीते रोज पंजाब सरकार के एक एसपी को अगवा कर लिया था। एक व्‍यक्ति की हत्‍या कर उसकी गाड़ी छीन ली थी। लेकिन ये  सब होने के बावजूद  पंजाब पुलिस व सुरक्षा एजेंसियां हमले को नहीं रोक सकी। हमलावर आतंकी पाकिस्‍तान से आए बताए जा रहे है  और वो तीस दिसंबर 2015 को भारतीय सीमा में घुस गए थे।

हमले के बद रक्षा मंत्री मनोहर पारिकर ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की व तीनों सेनाओं के कमांडरों से भी इस मसले पर  विचार विमर्श किया गया ।उधर ,गृह मंत्री राजनाथ ने कहा कि आतंकी हमले का मुहंतोड जवाब दिया गया है।उन्‍होंने हमले में पाकिस्‍तान के आंतकी संगठनों का हाथ होने से इंकार नहीं किया है।एयरफोर्स के विमान  भी  हमले आज आसमान से निगरानी करते रहे ।

इस हमले के बाद भारत पाक के बीच शुरू होने वाली वार्ता पर सवाल खड़ा हो गया है।

याद रहे है कि प्रधानमंत्री मोदी ने बीते दिनों पाक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के जन्‍म दिन पर लाहौर जाकर उनके घर पर उन्‍हें बधाई दी थी व उनसेगले मिले थे ।उन्‍होंने शरीफ  कीमां के पांव भी छूए थे। उस दिन भी सेना  के प्रवक्‍ता के मुताबिक  सीमा पर पाक की ओर से हुई गोलीबारी में दो जवान शहीद हो गई थे , और व अब ये आतंकी हमला हो गया है।

हालांकि पाकिस्‍तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता ने इस हमले की निंदा की है।