शिमला।मुख्‍य वीरभद्र सिंह की ओर सेपूर्व मुख्‍यमंत्री प्रेम कुमार धूमल  व उनके दोनों के खिलाफ किए मानहानि मामले में शिमला की जिला अदालत से आज शुक्रवार को फैसला नहीं आया। अदालत ने  इस मामले में दोबारा दलीले सुनने के लिए 9 नवंबर की तिथि निर्धारित की हैं।

बीरेंद्र सिंह की अदालत ने पिछली डेट को इस मामलेे  को आज के लिए फैसले केे  लिए लगाया था। धूमल की ओर  से अदालत में पेश हुए वकील अंशुल बंसल ने कहा कि अदालत की ओर से कोई सवाल हो सकता है। अगली तारीख को जवाब दिया जाएगा  व अदालत को संतुष्‍ट किया जाएगा।

भ्रष्‍टाचार के आरोप लगाने पर मुख्‍यमंत्री वीरभद्र सिंह ने केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली के अलावा प्रेम कुमार धूमल और उनके दोनों बेटों के खिलाफ शिमला की सीजेएम की अदालत में मुकदमा दायर किया था। लेकिन बाद में मुख्‍यमंत्री ने अरुण जेटली का नाम वापस ले लिया। जिस  समय  वीरभद्र सिंह ने जेटली का नाम वापस लिया उस समय वो मोदी सरकार में मंत्री बन चुके थे।

सीजेएम अदालत ने धूमल को समन जारीी कर दिए थे। जिसे उन्‍होंने  जिला अदालत में  रिवीजन याचिका  दायर कर चुनौती दे दी व दलील दी की जब मुख्‍य आरोपी अरुण जेटली का नाम ही  मानहानि  याचिका से वापस ले लिया गया है तो उन पर केस  आगे कैसे चल सकता हैं।इस पर जिला  अदालत ने  धूमल को स्‍टे दे दिया था।जिसके चलते अनुराग व अरुण को भी तकनीकी तौर पर स्‍टे मिल गया।

अब इस बात का इंतजार रहेगा  कि 9 दिसंबर को इस मामले में  क्‍या होता है।