अर्की/शिमला। दाड़लाघाट स्थित प्रदेश के बड़े अंबुजा सीमेंट कारखाने में विभिन्‍न ठेकेदारों के जरिए पिछले कई सालों से काम कर रहे  78 कामगारों को  नौकरी  से निकाल दिया गया है जबकि दर्जनों  की रोजी पर तलवार लटका दी गई हैं।

कंपनी के गेट चस्‍पां किए नोटिसों  में  इन मजदूरों के नामों की सूची  देकर आदेश दिए हैं कि एंटरी कार्डों को पंच न किया जाए।साथ ही कंपनी ने विरोध करने वाले कामगारों व उनके समर्थकों को दबोचने के लिए पुलिस को तैनात कर दिया है।

अंबुजा कंपनी में  काम कर रोजी कमाने वाले ये हटाए गए कामगार अर्की विधानसभा हलके के हैं। इन कामगारों को नौकरी से हटा देने से दर्जनों परिवार मुश्किल में आ गए हैं।  

कामगारों का नौकरी से हटाने पीछे तर्क दिया गया है कि कंपनी में अब काम नहीं रह गया है इसलिए ठेकेदार बिना काम के कामगारों को वेतन देने की स्थिति में नहीं हैं। पर बड़ा सवाल ये खडा़ हो गया है कि क्‍या कंपनी में ये काम अचानक पिछले एक साल के भीतर खत्‍म हो गया हैं ,या कोई और खेल खेला गया है।

अंबुजा कंपनी के गेट पर इस तरह केनोटिस चस्‍पाएं गए है व जिसमें हटाए गए कामगारों के नाम लिखे गए हैं-:

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कंपनी में दर्जनों ठेकेदारों ने इस तरह के नोटिस चस्‍पां दिए हैं ।जाहिर सी बात है कि सब कुछ कंपनी के  कहने पर ही  हआ  होगा।

गौरतलब हो कि वामपंथी मजदूर संगठन सीटू ने पिछले एकअरसे से मजदूरों के अधिकारों को लेकर लेबर विभाग  व अन्‍य

मंचों पर जंग छेड़ी हुई हैं।नोटबंदी के बाद नौकरी से हटाने के इस कारनामे  के विरोध में  कामगार आंदोलन पर उतारू हो गए हैं।