शिमला।लिंग भेद पर आधारित अजय चिंतिस  के वृतचित्र  ’ए स्ट्रगल एगेंंस्‍ट जेंडर स्टीरियोटाइप’, सफलता की कहानी अरविंद वोहरा के द अन्टोल्ड स्टोरी और हिमाचल के कबाइली क्षेत्रों में महिलाअों को पैतृक संपति से बेदखल करने जैसे संवेदनशील मसले पर  देवकन्‍या ठाकुर के’नो वुमन्स लैण्ड’  नामक चर्चित वृतचित्रों की गेयटी थियेटर में  30 दिसंबर  को दो बजे के बाद स्‍क्रीनिंग की जाएगी।

’ए स्ट्रगल एगेंंस्‍ट जेंडर स्टीरियोटाइप’ एक प्रतिष्ठित महिला वकील पायल के जीवन पर आधारित फिल्म है जो कि अपने आफिस में लिंग भेद नीति का शिकार होती है और अन्ततः उसे अपनी नौकरी से इस्तीफा देना पड़ता है। इस परिस्थिति से वह कैसे उभरती है और किसी तरह वो वर्ष 2013 में के टाॅप स्टार्टअप की श्रेणी में अवार्ड हासिल  करती है। बाइस मिनट के इस वृतचित्र का निर्देशन मुम्बई के अजय चिंतिस ने किया है। इन वृतचित्रों को हिमालयन वलॉसिटी के  बैनर तले दिखाया जा रहा हैं। हिमालयन वलॉसिटी के प्रबंध निदेशक पुष्‍पराज ठाकुर ने कहा क‍ि स्‍क्रीनिंग के दौरान  कहानी की नायिका  पायल और अजय चिंतित भी दर्शकोंं से  रूबरू भी होंगें।

 

दूसरा वृतचित्र  शिमला जन्‍में और शहर के नामी स्‍कूल सेंट एडवर्ड के पासआउट रहे अरविंद वोहरा की कहानी है पर आधारित हैं। द अन्टोल्ड स्टोरी: अरविन्द वोहरा भी अजय चिंतिस द्वारा निर्देशित 22 मिनट का वृतचित्र है। इस वृतचित्र में दर्शाया गया हैं क‍ि  किस तरह शिमला का एक युवक स्मार्ट फोन क्रांति  लाता है और आज देश का सबसे प्रतिष्ठित स्मार्ट फोन ब्रांड का मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ अरविन्द वोहरा मोबाइल फोन डंडस्ट्री का गेम चैंजर साबित होता है।

तीसरा वृतचित्र  ‘नो वुमन्स लैण्ड’  देवकन्या ठाकुर द्वारा निर्देशित  40 मिनट की फिल्म है जिसमें हिमाचल के जनजातीय क्षेत्र में महिलाओं का अपनी पैतृक सम्पति में अधिकार के लिये संघर्ष दिखाया गया है। इस वृतचित्र  को कई राष्ट्रीय और अंतराष्‍ट्रीय फिल्म समारोहों में पुरस्कृत किया जा चुका है।