हिमाचल के मुख्‍यमंत्री वीरभद् सिंह के लाडले व युवा कांग्रेस अध्‍यक्ष विक्रमादित्‍य सिंह ने भाजपा मुख्‍यालय पर  प्रदर्शन  क्‍या किया पूर्व मुख्‍यमंत्री प्रेम  कुमार  धूमल  समेत  पूरी  भाजपा  इस  युवा  लाडले  के पीछे पड़ गई  है।  जबकि  विक्रमादित्‍य  ने तो प्रदर्शन  करने से  पहले धूमल से फोन पर बात  भी  की  थी, कि  मेरे  पापा  ने आपके लाडले  का  ख्‍याल  रख  रहे  है आप  मेरा ख्‍याल  रखे।एचपीसीए में  सुप्रीम कोर्ट से  स्‍टे  दिलवा दिया और  क्‍या  चाहिए।अदालतों में पेश  हो  रहे  विभिन्‍न चालानों में कोई  कम  मदद  कर  रखी  है। स्‍कैंडंल  प्‍वाइंट पर  इसी  तरह की  गपशप चल  रही है। इन दिनों भाजपा का सदस्‍यता अभियान चल  रहा है। एक  के बाद  कांग्रेसी भाजपा में  शामिल  हो रहे हे।  बताते  है  कि विक्रमादित्‍य  ने  जब  धूमल से  मोबाइल  पर  बात  की तो धूमल  ने विक्रमादित्‍य को  खूब समझाया  कि  प्रदर्शन तो कर लो  लेकिन जाते  जाते  भाजयुमो  की  सदस्‍यता  ले लेना।खुराफाती लोग  कह रहे  है  कि एक  बार  तो विक्रमादित्‍य मान  भी गए थे।  लेकिन बाद में  मुकर गए। बोले, पापा मारेंगे । वो यहां हैं भी नहीं।

धूमल की अपनी वजह थी कि चलो कम से कम ये लाडला अपने खेमे में आ गया तो आधी मुसीबत कम हो  जाएगी। केस  बनने  बंद  हो  जाएंगे।धूमल अपने  लाडले की वजह  से परेशान

है। क्रिकेट का ऐसा चस्‍का लगा  की  पिता को सीएम की कुर्सी ही से  दूर  फिंकवा दिया। चलो यहां  तक  तो  ठीक  है। लेकिन अब उन्‍हें भाजपा से ही बाहर करने की चाल चल पड़ी है। मोदी व  अमित शाह ने नडडा नाम  के शख्‍स  को हिमाचल  का  अगला  मुख्‍यमंत्री  बनाने का  इशारा किया है।  धूमल तो  समझ  भी  रहे है  कि  लाडले ने  संकट  में  डाल  ही  दिया है।पर  करे क्‍या।  लाडले  तो  लाडले होते  है।  चाहे वो  फिर  किसी के भी  हो।  ऐसे  में मिलीजुल कर  ही  काम  चलता  है। ये  साबित  भी  हो  गया है।  धूमल ने  मान  लिया है  और  व्रिकमादित्‍य  ने  भी।  प्रदर्शन होगा  तो  मिलीभगत से । दोनों के बीच  बाकायदा बातचीत  हुई है।  ध्‍यान रखना। वादा  भी  किया होगा। लेकिन भाजपा में  कई  और  भी  है  जिनको  ये  मिलीभगत का  खेल  रास  नहीं आ रहा  है।पत्‍थर फिंकवा दिए,दुष्‍टों ने । दंगा करवा  दिया।लाठी चार्ज हुआ ।खेल  खत्‍म  हो  गया।  अब संभाले, पापा। अब  दोनों लाडलों  के  पापा मामला संभालने  में  लग  गए  है। धूमल तुरंत अपनी ब्रिगेड  लेकर राजभवन  पहुंच  गए।  तो  वीरभद्र  सिंह  ने  अपनी  मंत्री को  पीजीआई  भेज  दिया।  घायल  राजेश शारदा का  हालचाल पूछने  । विक्रमादित्‍य खुद भी जा आए पीजीआई। राजेश शारदा  भले  आदमी  है भाजपा  में। लेकिन  रहते शिमला से भाजपा  के  एमएलए  सुरेश भारदवाज  के  साथ।धूमल  खेमे के  भाजपाइयों को  इसी  बात  का  रंज है  कई  शारदा आदमी  तो  भले  है  कि  लेकिन रहते  गलत आदमी के साथ है।घायल  और  भी  हुए  है।

उधर,कांग्रेसियों में  भी वीरभद्र के  लाडले से  सहानुभू‍ति  है। पर इनके निशाने पर मुख्‍यमंत्री के लाडले को  घेरे रखने  वाली जुंडली है। बोलतेहै,टीका  साहब  को  ये  गुंडे  बर्बाद  कर  देंगे।राजा  साहब  तो हमारी  सुनते  ही  नहीं,ये अपनी  वेदना  ऐसे  बयां  करते  है।शायद  इनकी दाल  नहीं  गलने  देते  होती  ये  जुंडली।चलो  शारदा  जी  ठीक  हो  जाएं।बाकी तो  पापा संभाल ही  लेंगे।लाडले  तो  कारनामें  करेंगे ही। राहुल गांधी को देखों कांग्रेस  का  क्‍या  हाल  कर दिया। जय गुरबत के मारों की।