शिमला।4 जुलाई से घर गायब व 6 जुलाई को नग्‍नावस्‍था में मृत मिली कोटखाई के थाना गांव की दसवीं छात्रा के गैंगरेप मामले में शिमला पुलिस की नाकामियों के बाद पुलिस मुख्‍यालय आखिर पांचवें दिन जाग ही गया हैं। कांग्रेस, भाजपा,वामपंथियों के अलावा समाज के सभी धाराओं के वर्गों के गुस्‍से के बीच नए डीजीपी सुमेश गोयल ने आईजी एस जेड एच जैदी की कमान में चार सदस्‍यीय स्‍पेशल इंवेस्टिगेशन टीम का गठन कर दिया।

टीम में आई जी जैदी के अलावा शिमला के एएसपी भजन देव नेगी,डीएसपी ठियोग,मनोज जोशी,कोटखाई थाना के प्रभारी राजेंद्र सिंह को शामिल किया गया हैं। कायदे से मनोज जोशी और राजेंद्र सिंह को टीम में शामिल नहीं किया जाना चाहिए था। इनकी जगह जांच में माहिर अफसरों को शामिल किया जाना चाहिए था।

कायदे से डीजीपी को गैंग रेप और जिस बुरी तरह से मर्डर को अंजाम दिया गया था, उसे देखते हुए दूसरे ही दिन मुख्‍यालय के आला अफसरों को इस कांड की जांच सौंप देनी चाहिए थी। लेकिन डीजीपी ऐसा करने से चूक गए। नतीजतन मामले में अभी तक कोई भी सबूत नहीं मिल पाया।

एसपी शिमला डी डब्‍ल्‍यू नेगी को जांच के मामले में कमजोर पुलिस अधिकारी माना जाता हैं।इस बात से पुलिस मुख्‍यालय भी वाकिफ हैं।बहरहाल अब उम्‍मीद है कि कि जांच किसी सही दिशा की ओर बढ़ेगी।

इस मामले को लेकर भाजपा ने आज डीजीपी को ज्ञापन दिया था तो कांग्रेस ने सीएम से इस मसले पर विचार किया था। वामपंथी भी कातिलों को तुरंत पकड़ने की मांग कर रहे हैं।

कातिलों  और ब्‍लात्‍कारियों  का पांच दिन बाद भी चिन्हित न होना हिमाचल पुलिस के प्रोफेशनल फोर्स होने पर सवाल उठाता हैं। पिछले एक अरसे से पुलिस की कार्यप्रणाली ढीली होती गई हैं।पांच दिन बाद पुलिस मुख्‍यालय का इस मामले में जागना इसी का जीता जागता सबूत हैं। सवाल तो ये भी उठने लगे थे कि जो इस मामले की अबतक जांच कर रहे थे उनका ट्रैक रिकार्ड  कैसा है ।क्‍या उन्‍होंने किसी जाचं को अब तक अंजाम तक पहुंचाया भी है या  नहीं। बहरहाल अब एसआईटी क्‍या कर पाती है ये देखना हैं।

डीजीपी सोमेश गोयल ने बताया कि पुलिस को कुछ तकनीकी सुराग मिले हैं, लेकिन इन्हें अभी सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है।

इस बीच राज्य के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इस मामले की सीबीआई से जांच कराने से इंकार कर दिया है। वीरभद्र सिंह ने कहा है कि प्रदेश पुलिस इस मामले की जांच करने में सक्षम है तथा मामला सीबीआई के सुपूर्द नहीं किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि कोटखाई के जंगल में पुलिस ने बीते 6 जुलाई को 16 वर्षीय छात्रा का शव नग्न अवस्था में बरामद किया है। मृतका 4 जुलाई से लापता थी। वह कोटखाई के एक सरकारी स्कूल में दसवीं की छात्रा थी। सूत्रों के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गैंगरेप के बाद छात्रा की बर्बरतापूर्ण तरीके से हत्या करने की बात सामने आई है।