शिमला। सांसद प्रतिभा सिंह की ओर से मंडी उप चुनाव के चुनाव आयोग में दिए खर्चे के ब्‍योरे और आब्‍जर्वर की ओर से भेजे गए ब्‍योरे में अंतर पाया गया है।ये मामला प्रतिभा सिंह के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। सूत्रों के मुताबिक मंडी लोकसभा उपचुनाव में हुए खर्च को लेकर चुनाव आयोग को राज्‍य चुनाव अधिकारियों की ओर से भेजे चुनाव खर्च को प्रतिभा सिंह की ओर से भेजे चुनाव खर्चे से ज्‍यादा बताया गया है।

प्रदेश चुनाव आयोग से जुड़े अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की है कि उन्‍होंने मंडी उपचुनाव के खर्चों को लेकर ब्‍योरा चुनाव आयोग को भेजा है। कुछ अंतर बताया जा रहा है।आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं कर रहा है।

एक अंग्रेजी न्‍यूज वेबसाइट ने भारतीय चुनाव आयोग के सूत्रों के हवाले से कहा  है कि  प्रतिभा सिंह को जल्‍द नोटिस भेजा जाएगा मामला आयोग के विचाराधीन है।

सूत्रों के मुताबिक अगर प्रतिभा सिंह की ओर से चुनाव खर्च को दी गई सूचनाएं सही नहीं पाई गई तो जनप्रतिनिधि कानून के तहत चुनाव आयोग उन्‍हें नोटिस भेज कर जवाब तलब करेगा।

जनप्रतिनिधि अधिनियम के तहत इस तरह की गलत सूचना देने पर अधिनियम की धारा10 ए के मुताबिक सांसद प्रतिभा सिंह को अयोग्‍य करार दिया जा सकता है।बताया जा रहा है कि चुनाव खर्च को लेकर चुनाव आयोग के पास कोई शिकायत पहुंची थी। सूत्रों के मुताबिक चुनाव आयोग ने अभी प्रतिभा सिंह को नोटिस नहीं भेजा है व इस माले पर विचार किया जा रहा है। नोटिस भेजने के बाद प्रतिभा सिंह को खर्चें को लेकर तार्किक कारण बताने होंगे अन्‍यथा उन्‍हें मुश्किलें खड़ी हो सकती है।

मुख्‍यमंत्री वीरभद्र सिंह सिंह की पत्‍नी प्रतिभा सिंह ने जून 2013 में हुए मंडी लोकसभा उप -चुनाव में भाजपा के जयराम ठाकुर को हराया था। उधर, मंडी उप चुनाव में भाजपा प्रत्‍याशी जयराम ठाकुर ने कहा कि उन्‍हें भी किसी ने जानकारी दी है। उन्‍होंने व भाजपा की ओर से किसी ने कोई शिकायत नहीं की है। संभवत जब प्रत्‍याशी ने चुनाव खर्च का ब्‍योरा चुनाव आयोग को भेजा होगा तो मामला सामने आया हो।