शिमला। चीन सीमा के साथ लगते 11 किलोमीटर लिनयो बासइपास के बचे काम को बीआरओ के अधीन करने के लिए प्रदेश सरकार ने मंजूरी दे दी है। सदन में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा लाहुल स्पिति से कांग्रेस विधायक अनुराधा राणा की ओर से पूछे सवाल के जवाब में कहा कि इस बाइपास […]
शिमला। चीन सीमा के साथ लगते 11 किलोमीटर लिनयो बासइपास के बचे काम को बीआरओ के अधीन करने के लिए प्रदेश सरकार ने मंजूरी दे दी है।
सदन में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा लाहुल स्पिति से कांग्रेस विधायक अनुराधा राणा की ओर से पूछे सवाल के जवाब में कहा कि इस बाइपास की साढ़े नौ किलोमीटर केसे ज्यादा कटिंग हो चुकी है।
अब एक किलोमीटर से थोड़ा से ज्यादा भाग बचा है। भावानगर से आगे का भाग बीआरओ के तहत आता है इसलिए सरकार ने इस काम को यहां पर बीआरओ के अधीन करने को पहले ही मंजूरी दे दी है लेकिन बीआरओ ने अभी तक इस अपने अधीन नहीं लिया है।
अनुराधा राणा ने पूछा था कि इस बाइपास पर साढ़े 29 करोउ़ रुपए खर्च हो चुके है व क्या सरकार शेष बचे काम को करने में समर्थ है या इसे बीआरओ को दिया जाना चाहिए।
जवाब में विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि इस बाइपास पर बीआरओ ने साढ़े पांच,नाबार्ड ने सात करोड़ और ट्राइबल प्लान के तहत 16 करोड़ से ज्यादा खर्च हो चुका हैं।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि स्पिति ब्रिज पर 75 मीटर लंबा पुल का काम प्रगति पर है। इसके लिए एक करोड़ का प्रावधान किया गया और 15 करोड़ की और जरूरत है। इसे भी बीआरओ को दे देंगे।
उन्होंने कहा कि ये महत्वपूर्ण सड़क है व चीन के साथ वैकल्पिक रूट भी बना रहे जो भावानगर-पिनवैली को काजा से जोड़ेगा और इससे सौ किलोमीटर का फासला कम हो जागा और सामरिक नजरिए से भी ये महत्वपूर्ण हैं।
