शिमला। देहरा से कांग्रेस विधायक व मुख्यमंत्री सुक्खविदंर सिंह सुक्खू की पत्नी कमलेश ठाकुर के खिलाफ 2024 उप चुनाव में देहरा से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले व दो बार (2017 व 2022) आजाद विधायक रहे होशियार सिंह के खिलाफ विजीलेंस विभाग ने FIR दर्ज की है। याद रहे विजीलेंस व गृह विभाग मुख्यमंत्री सुक्खू के अपने अधीन है।
विजीलेंस की ओर से जारी विज्ञप्ति में ये कहा गया है-:
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV&ACB), हिमाचल प्रदेश ने जिला कांगड़ा के देहरा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक होशियार सिंह चंब्याल के विरुद्ध सरकारी धन के कथित दुरुपयोग के संबंध में प्राप्त शिकायत पर जांच उपरांत प्राथमिकी FIR NO. 05 OF 2026 दर्ज की है। यह शिकायत होशियार सिंह चंब्याल की एक कंपनी के कर्मचारियों की ओर से पेश की गई थी जो उपरोक्त लाभार्थियों में भी शामिल हैं।
विज्ञप्ति में ये कहा गया है कि प्राथमिक जांच के दौरान उपलब्ध अभिलेखों, संबंधित लाभार्थियों के बैंक अभिलेखों, सरकारी दस्तावेजों तथा शिकायतकर्ताओं एवं अन्य व्यक्तियों के बयानों का परीक्षण किया गया। जांच में यह तथ्य सामने आया कि वर्ष 2023 एवं 2024 के दौरान विधायक ऐच्छिक निधि (MLA Discretionary Grant Scheme) के तहत कुछ व्यक्तियों के नाम पर वित्तीय सहायता स्वीकृत एवं जारी की गई, जबकि शिकायतकर्ता सहित अन्य संबंधित व्यक्तियों ने कथित रूप से ऐसी किसी सहायता के लिए आवेदन नहीं किया था। जांच के दौरान इन लाभार्थियों ने यह भी कथित रूप से कहा कि सहायता राशि उनके बैंक खातों में आने के बाद नकद निकालकर पूर्व विधायक के निर्देशानुसार उन्हें यानी होशियार सिंह को ही सौंप दी गई।
सत्यापन के दौरान संकलित दस्तावेजी साक्ष्यों एवं बैंक अभिलेखों के आधार पर प्रथम दृष्टया यह परिलक्षित हुआ कि सरकारी धन का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के विपरीत किया गया तथा लाभार्थियों के नाम पर स्वीकृत राशि का वास्तविक लाभ उन्हें प्राप्त नहीं हुआ। उपलब्ध सामग्री से प्रथम दृष्टया आपराधिक न्यासभंग एवं छल से संबंधित अपराधों के तत्व परिलक्षित होने पर भारतीय दंड संहिता, 1860 की धाराओं 409 एवं 420 के तहत थाना SV&ACB, धर्मशाला में एफआईआर संख्या 05/2026 दिनांक 16.07.2026 दर्ज कर विधि अनुसार अन्वेषण प्रारंभ किया गया है।
अन्वेषण के दौरान प्राप्त होने वाले साक्ष्यों के आधार पर अन्य व्यक्तियों की भूमिका तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम अथवा अन्य प्रासंगिक विधिक प्रावधानों के अंतर्गत किसी अतिरिक्त अपराध की संभावना का भी परीक्षण किया जाएगा। जांच पूर्णतः निष्पक्ष, पारदर्शी एवं साक्ष्य-आधारित ढंग से की जाएगी तथा किसी भी व्यक्ति की उत्तरदायित्व का निर्धारण केवल उपलब्ध साक्ष्यों एवं कानून के अनुरूप किया जाएगा।
SV &ACB पुनः स्पष्ट करती है कि सार्वजनिक धन के दुरुपयोग, भ्रष्टाचार अथवा जनविश्वास को प्रभावित करने वाले किसी भी अपराध के प्रति शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) की नीति अपनाई गई है। कानून के समक्ष सभी व्यक्ति समान हैं तथा किसी भी मामले में निष्पक्ष, स्वतंत्र एवं प्रभावी जांच सुनिश्चित करना SV&ACB की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
याद रहे मुख्यमंत्री सुक्खू की पत्नी कमलेश ठाकूर ने 2024 के उप चुनाव में देहरा से चुनाव लड़ा था और भाजपा ने जयराम गुट के नेता होशियार सिंह को भाजपा टिकट दिया था। इस उप चुनाव में सुक्खू की पत्नी व कांग्रेस विधायक कमलेश ठाकुर को 32 हजार 737 मत मिले जबकि होशियार सिंह को 23हजार 338 मत मिले थे। उप चुनाव कमलेश ठाकुर कांग्रेस की टिकट पर जीत गई थी विधानसभा पहुंच गई।
इस जीत पर होशियार सिंह और भाजपा के बाकी नेताओं ने मुख्यमंत्री सुक्खू पर सता का दुरुपयोग कर और केसीसाी बैंक से महिलाओं समूहों को पैसे आवंटित करने के इल्जाम लगाए थे।
याद रहे होशियार सिंह 2017 और 2022 में बतौर आजाद प्रत्याशी एमएलए बने थे। कहा जाता है कि उनको भाजपा के जयराम गुट का अपरोक्ष समर्थन रहता था । जयराम खेमा पार्टी में धूमल खेमे को ठिकाने लगाना चाहता था व वो कामयाब भी रहा।
फरवरी 2024 में राज्यसभा के चुनाव हुए तो कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी कांग्रेस प्रत्याशी बने जबकि पूर्व कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बेहद करीबी हर्ष महाजन ने पाला बदल कर भाजपा का हाथ थाम लिया था। बजट सत्र के दौरान हुए इस चुनाव में कांग्रेस के छह विधायकों ने पार्ट लाईन के खिलाफ जाकर और होशियार सिंह समेत तीन आजाद विधायकों ने भाजपा प्रत्याशी पूर्व कांग्रेस नेता हर्ष महाजन को वोट देकर सिंघवी को चारों खाने चित कर दिया था।
बाद में इन सभी छह कांग्रेस विधायकों और होशियार सिंह समेत तीनों आजाद विधायकों को अयोग्य करार देकर उनकी विधानसभा सदस्यता रदद कर दी थी।
2024 में इन नौ सीटों के लिए हुए उप चुनाव में भाजपा ने होशियार सिंह को पार्टी का टिकट दिया और वो मुख्यमंत्री की पत्नी कमलेश ठाकुर से 3914 मतों से हार गए।
अब विजीलेंस ने उनके खिलाफ एफआइआर दर्ज की है व वो भी संगीन इल्जाम लगाकर। ऐसे में अब देखना है कि इस घटनाक्रम में धूमल खेमा किस तरह से हरकत में आता है।गौरतलब हो कि सुक्खू व धूमल परिवार में लंबे अरसे से सखाओं जैसे रिश्ता है।
लगता है कि 2027 की राजनीति की बिसात की तस्वीर साफ हो चुकी है।
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