शिमला। मुख्‍यमंत्री जयराम ठाकुर के साढे तीन साल के कार्याकाल में यह पहली बार है कि राजधानी में भाजपा की तीन दिवसीय बैठक में पूर्व मुख्‍यमत्री प्रेम कुमार धूमल और उनके केंद्र सरकार में राज्‍य मंत्री पुत्र अनुराग ठाकुर को इतनी ज्‍यादा अहमियत मिली हो।
धूमल और अनुराग गुपचुप तरीके से 13 जून की शाम को ही राजधानी में आ गए थे। तभी से उनसे मिलने वालों का तांता लग हुआ है। 14 जून को दोनों पिता -पुत्र कोटखाई से दिवगंत भाजपा विधायक की मौत के बाद उनके परिवार वालों से संवेदनाएं व्‍यक्‍त करने चले गए।

राजधानी पहुंचने पर शाम को मुख्‍यमंत्री जयराम ठाकुर खुद धूमल से मिलने चले गए। दोनों में काफी लंबे समय तक मंत्रणा हुई । जयराम का धूमल के पास यूं चले जाने के राजनीतिक गलियारों में कई तरह के मायने लगाए जा रहे है। जयराम नगर निगम चुनावों से लेकर अब तक इस तरह से अचानक
धूमल से तीसरी बार मिल चुके है।

पहले दोनों का मिलना कम ही होता था। कभी आमना-सामना हो जाए तो दुआ-सलाम ही होता था। लेकिन अब सब कुछ बदला हुआ है।
जयराम धूमल दरबार में हाजिरी भरने लगे है। बीती शाम को धूमल के मिलने के बाद जयराम होटल पीटरहाफ में अपने कक्ष में चले गए। जबकि दूसरे कमरे में केंद्रीय वित राज्‍य मंत्री अनुीरग ठाकुर लोगों से मिल रहे थे। जयराम के आने की अनुराग को जानकारी दी गई लेकिन वह लोगों से मिलते रहे व करीब पंद्रह मिनट बाद मुख्‍यमंत्री से मिलने उनके कक्ष में गए। दोनों में करीब पौना घंटा मंत्रणा होती रही। प्रोटोकॉल के हिसाब से अनुराग का ओहदा मुख्‍यमंत्री के ओहदे से नीचे है।

जयराम के साथ इन दोनों पिता- पुत्रों की क्‍या बात हुई है यह बाहर नहीं आया है। लेकिन समझा जा रहा है कि आलाकमान की ओर से लिखकर दी गई पठकथा के मुताबिक ही सब कुछ हो रहा होगा। तीन दिन तक चलने वाली इस बैठक के बाद आलाकमान को रिपोर्ट सौंपी जानी है।
बीती शाम को सबसे दिलचस्‍प मुलाकात प्रदेश के पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू और अनुराग ठाकुर की रही।किसी राज्‍य के पु‍लिस महानिदेशक का केंद्रीय राज्‍यमंत्री से मुलाकात कइयों के कान खडे कर गया है।समझा जा रहा है कि दोनों में कुछ खास ही संवाद हुआ है। चूंकि मुख्‍यमंत्री के पास गृह महकमा भी है ऐसे जो भी बात करनी हैं वह मुख्‍यमंत्री को ही करनी है।

आज सुबह भी धूमल के पास आने-जाने वालों को जमावडा लगा रहा व सरकार की चुगलियां भी होती रही हैं। दोपहर को शहरी विकास मंत्री सुरेश
भारदवाज ने धूमल के दरबार में हाजिरी भर दी। इससे पहले भाजपा के संगठन मंत्री पवन राणा,तिरलोक जम्‍वाल,तिरलोक कपूर और राकेश जम्‍वाल धूमल से मिलने पहुंच गए। ये चारों ही जयराम खेमे के है। पिछले दो दिनों से जयराम खेमा भी धूमल दरबार में हाजिरी लगा चुका है।
शाम को चार बजे से भाजपा कोर गु्रप की बैठक होने से पहले धूमल से प्रदेश भाजपा प्रभारी अविनाश राय खन्‍ना और सह प्रभारी संजय टंडन भी मिले ।यह खन्‍ना ही है जो धूमल का डंका बजवाने का काम कर रहे है।

बैठक शुरू होने से पहले भाजपा प्रवक्‍ता रणधीर शर्मा ने पत्रकारों से कहा कि आगामी चुनावों को लेकर रणनीति पर विचार किया जा रहा है। यह पूछे जाने पर कि उपचुनावों में मैदान में उतारे जाने वाले प्रत्‍याशियों के नामों पर भी चर्चा होगी।रणधीर शर्मा पूरी तरह से
मुकर गए व कहा कि इस बावत तो चुनाव समिति की बैठक में चर्चा होगी। उन्‍होंने कहा कि सरकार व संगठन्‍ में किस तरह तालमेल बिठाया जाए इस बावत भी फार्मूला तैयार किया जाएगा।
भाजपा का कोई भी नेता इन बैठकों में क्‍या हो रहा है, इस बावत जुबान नहीं खोल रहा है। लेकिन जिस तरह से धूमल का बोलबाला चल रहा है
उससे साफ है कि अंदरखाते कुछ पक जरूर रहा है। पिछले साढे तीन सालों में इतनी अहमियत धूमल को कभी नहीं मिली है।