शिमला।  राज्‍यसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस प्रत्‍याशी अभिषेक मनु सिंघवी के खिलाफ हालीलाज समर्थक विधायकों  की ओर से भाजपा प्रत्‍याशी हर्ष महाजन के पक्ष में क्रास वोटिंग करने के बाद सुक्‍खू सरकार पर आए संकट के बीच  हालीलाज कांग्रेस के युवराज विक्रमादित्‍य सिंह ने मंत्री पद से इस्‍तीफा दे दिया हैं। 

कहा जा रहा है कि सब कुछ आरएसएस की ओर से लिखी गई पठकथा के मुताबिक ही हो रहा हैं।विक्रमादित्‍य सिंह के इस्‍तीफे के बाद अब आगे के राजनीतिक तौर पर क्‍या सौदेबाजी होती है यह अभी सामनेआना बाकी है लेकिन समझा जा रहा है कि भाजपा के सहारे सुक्‍खू का गरुर तोड़ने की मुहिम को किसी भी कीमत पर सफल करने की मुहिम चली हुई हैं।  कहा जा रहा है कि से पठकथा एक अरसा पहले लिख ली गई थी और पिछले एक महीने से दक्षिण भारत के एक आरएसएस नेता की ओर से कांग्रेस विधायकों के साथ कम से कम तीन बार बैठकें हुई हैं।  संघ के भीतरी सूत्रों के मुताबिक बीते  दिनों भी मद्रास से एक बड़े आरएसएस नेता ने चंडीगढ़ में डेरा डाला  और सब कुछ पर नजर रखी जा रही हैं।  अब भाजपा के उपाध्‍यक्ष सौदान सिंह भी राजधानी पहुंच गए हैं।

बीते रोज भाजपा के रथ पर जो कांग्रेस विधायक चढ़ कर पंचकूला गए व आज उड़नखटोले से राजधानी पहुंचे उनमें सभी हालीलाज समर्थक ही हैं।इनमें कांगड़ा से कांग्रेस विधायक व पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा,हमीरपुर के सुजानपुर से राजेंद्र राणा,बडसर से इंदर दत लखनपाल,ऊना जिला से चैतन्‍य शर्मा और देवेंदर भुटटो शामिल है।

ये सभी कांग्रेस विधायक हालीलाज कांग्रेस के समर्थक है। यानी प्रदेश कांग्रेस अध्‍यक्ष व कांग्रेस सांसद प्रतिभा सिंह और विक्रमादित्‍य सिंह के समर्थक हैं। जबकि लाहुल स्पिति से कांग्रेस विधायक रवि ठाकुर पहले पूर्व मुख्‍यमंत्री वीरभद्र सिंह के निशाने पर रहते थे लेकिन पिछले सवा साल में मुख्‍यमंत्री सुक्‍खू ने उनको हाशिए पर धकेलने का एक भी मौका गंवाने की चूक नहीं की। इसलिए वह भी भाजपा के रथ पर सवार हो गए।

यही नहीं जो आजाद व कांग्रेस विधायक भाजपा के रथ पर सवार हुए हैं उनमें से तीन तो मुख्‍यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्‍खू के जिला हमीरपुर से से है जबकि दो उप मुख्‍यमंत्री  मुकेश अग्निहोत्री के जिला ऊना से हैं। यानी की संदेश साफ है कि मुख्‍यमंत्री सुक्‍खू  और उप मुख्‍यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री का अपने जिलों के पार्टी विधायकों पर ही काबू नहीं हैं। ये सब एक सोची समझी रणनीति के तहत किया गया हैं।

याद रहे कि हालीलाज कांग्रेस के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जगत प्रकाश नडडा और नेता प्रतिपक्ष जयराम के साथ भी बेहद लगाव वाले रिश्‍ते हैं।

प्रतिभा सिंह और विक्रमादित्‍य सिंह के खिलाफ सीबीआइऔर इडी ने मामले दर्ज किए हुए हैं। इनके खिलाफ भाजपा के पूर्व मुख्‍यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और उनके पुत्र व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली के सहारे सलाखों के पीछे भेजने का इंतजाम किया था।लेकिन शाह व मोदी ने धूमल–अनुराग व जेटली की इस मुहिम पर रोक लगा दी थी।

उसके बाद हालीलाज कांग्रेस के साथ मोदी–शाह व नडडा के साथ रिश्‍ते मजबूत होते गए थे। कहा जा रहे है कि इन्‍हीं रिश्‍तों के बूते आरएसएस व भाजपा ने प्रदेश में सुक्‍खू सरकार को तोड़ने का खाका बुना है।अब ये मुहिम सफल होने की कगार पहुंच गई है।अब देखना यह है कि कांग्रेस आरएसएस व भाजपा की कांग्रेस विधायकों के दम पर सुक्‍खू सरकार को तोड़ने की मुहिम को किस तरह से तबाह कर सकती हैं।

फिलहाल विक्रमादित्‍य सिंह ने मंत्री पद से इस्‍तीफा  दिया है। सूत्रों के मुताबिक वह कांग्रेस और भाजपा दोनों ही ओर से अपने पंख फैला रहे है। समझा जा  रहा है कि मोदी –शाह का जिस ओर उड़ने का उनको इशरा मिलेगा वो उड़ जाएंगे। लेकिन बाकी विधायकों को क्‍या मिलेगा इस बावत इन्‍हीं विधायकों को सोचना  है।