शिमला/नई दिल्‍ली। सीबीआई और ईडी की ओर से दर्ज मुकदमों व इन मुकदमों पर पूर्व मुख्‍यमंत्री प्रेम कुमार धूमल व उनके परिवार की ओर से वित मंत्री अरुण जेटली का सहारा लेकर की जा रही राजनीति से खफा मुख्‍यमंत्री वीरभद्र सिंह ने आज वीरवार दोपहर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। संभवत: इस मामले में उन्‍होंने  खुद को राहत मांगी है।ये  महत्‍वपूर्ण  मुलाकात आज दिल्‍ली में दोपहर को एक बजे के करीब हुई। आज ही दिल्‍ली में वीरभद्र सिंह के मुकदमें की दिल्‍ली हाईकोर्ट में सुनवाई भी हुई।

दिल्‍ली हाईकोर्ट  ने आज वीरभद्र  सिंह के खिलाफ प्रशांत भूषण की ओर से दायर याचिका  को डिसपोज ऑफ कर दिया। अब ये मामला हाईकोर्ट में खत्‍म हो गयाहै। हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में सीबीआई व इन्‍कम टैक्‍स ने पहले ही एफआईआर दर्ज हो चुकी है।अब अदालत को कुछ नहीं करना है।अदालत के फैसले से पहले धूमल व वीरभद्र सिंह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अलग अलग समय पर मिल चुके थे।

 

उधर ,मुख्‍यमंत्री वीरभद्र सिंह के मोदी से मिलने से पहले पूर्व मुख्‍यमंत्री प्रेमकुमार धूमल भी  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले संभवत:  माना जा रहा है कि धूमल ने अपने पुराने सखा मोदी से वीरभद्र सिंह के मुकदमों में कोई राहत न देने का आग्रह किया हो।

इससे पहले भाजपा के वरिष्‍ठ नेता शांता कुमार की कमान में भाजपा की ओर  से मुख्‍यमंत्री  पद के धूमल के बाद प्रबल दावेदार जगत प्रकाश नडडा,खुद धूमल व प्रदेश भाजपा अध्‍यक्ष सतपाल सती व बाकी नेता राष्‍ट्रपति प्रणव मुखर्जी से मिले व वीरभद्र सिंह व उनकी सरकार को बर्खास्‍त करने की मांग की थी।

 

इससे पहले प्रेम कुमार धूमल  ने बीते दिनों ओकओवर आकर मुख्‍यमंत्री वीरभद्र सिंह  से  मुलाकात की थी जिस से वीरभद्र सिंह के वो मंत्री जिनकी धूमल से आंख मचौली चली रहती थी,व भाजपा में धूमल का अपना व विरोधी खेमा  हतप्रभ है।

इन मुलाकातों को लेकर सियासी हलकों में सियासत  उफान पर जनता नेताओं के बदलते रवैयों पर हतप्रभ है।धर्मशाला में विधानसभा सत्र से पहले धूमल ओकओवर में गए और उन्‍होंने वीरभद्र सिंह व उनके बेटे विक्रमादित्‍य से बंद कमरे में मुलाकात की। अभी धूमल बाहर निकले भी नहीं थे कि मुलाकात की तस्‍वीरें बाहर आ गई। ऐसे में भाजपा  में हड़कंप मच गया।धूमल से नाराज चल रहे जयराम ठाकुर ने दूसरे दिन वीरभद्र सिंह के खिलाफ ब्‍यान दे दिया।

उधर मुलाकात के तीन चार दिन बाद धर्मशाला में विधानसभा सत्र शुरू हुआ तो भाजपा  ने वीरभद्र सिंह के क्रप्‍शन पर चर्चा करने की मांग को लेकर सदन में हंगामा करदिया और वाकआउट कर दिया। दूसरे दिन सरकार चर्चा केलिए राजी हो गई लेकिन चर्चा के लिए सत्र का आखिरी दिन चुना गया।

आखिरी दिन चर्चा नहीं हुई। हालांकि भाजपा ने एक रैली जरूर की जिसमें शांताकुमार शामिल नहीं हुए। मुख्‍यमंत्री पद की दौड़ में धूमल को धरती  पर पटकने का मौका ढूंढ रहे मोदी सरकार के मंत्री जगत प्रकाश नडडा ने इसमें शिरकत की सबने वीरभद्र सिंह का इस्‍तीफा मांगा।

उधर, धूमल व वीरभ्‍ाद्र सिंह की मुलाकात के बाद भाजपा से  एक और सियासी मूव चला गया।इसके तहत शांताकुमार की कमान में  एक प्रतिनिधिमंडल राष्‍ट्रपति प्रणव मुखर्जी से जा मिला।वीरभद्र सिंह को हटाने को लेकर ज्ञापन दिया। भाजपा के इस मूव की काट को लेकर वीरभद्र सिंह ने अपनी चाल चली और अपने सखा प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी  से मिलने का समय  ले लिया। इसकी भनक धूमल को मिली तो उन्‍होंने भी गोटियां चली व आज वीरभद्र सिंह से पहले वो खुद मोदी से जा मिले।दोनों ने प्रदेश के मसलों पर मुलाात की ऐसा मीडिया को बताया। लेकिन जनता समझ रही है कि कौन किससे क्‍यों मिल रहा  है।उधरअब ये भीक्‍यास चल रहेहै कि अब वीरभद्र सिंह व धूमल परिवार के भ्रष्‍टाचार के मामले क्‍या खत्‍म होने जा रहे है।

विधाननसभा सत्र से पहले वीरभद्र -धूमल से लेकर आज मोदी के साथ हुई मुलाकातों को तस्‍वीरों के जरिए सियासत को समझने के लिए यहां देखें ये तस्‍वीरें-:

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