शिमला। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की लाडली व प्रधान निजी सचिव सुभाष आहलुवालिया की पत्नी मीरा वालिया को सरकार ने हिमाचल पब्लिक सर्विस कमिशन का सदस्य तैनात कर दिया हैं। मीरा वालिया एक अरसा पहले राजधानी के आरकेएमवी कॉलेज से प्रिसिंपल के पद से रिटायर हुई थी व दूसरे ही दिन उन्हें सरकार ने प्रदेश निजी […]
शिमला। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की लाडली व प्रधान निजी सचिव सुभाष आहलुवालिया की पत्नी मीरा वालिया को सरकार ने हिमाचल पब्लिक सर्विस कमिशन का सदस्य तैनात कर दिया हैं। मीरा वालिया एक अरसा पहले राजधानी के आरकेएमवी कॉलेज से प्रिसिंपल के पद से रिटायर हुई थी व दूसरे ही दिन उन्हें सरकार ने प्रदेश निजी शिक्षा नियामक आयोग का सदस्य तैनात कर बड़ी नौकरी दे दी थी।
अब सरकार ने उन्हें पब्लिक सर्विस कमिशन में सदस्य नियुक्त कर दिया हैं। ये रिटायरमेंट की बाद उनकी बड़ी तन्ख्वाह वाली दूसरी बड़ी नौकरी हैं। वीरभद्र सरकार ने रिटायरमेंट के बाद इन दोनों पति –पत्नी को नौकरी का तोहफा देकर नवाजा हैं।
ऐसे में ये दिलचस्प व आश्चर्यजनक दोनों हैं। अगर आगामी महीनों में प्रदेश में दूसरी सरकार भी आती हैं तो उन्हें नौकरी से हटाना आसान नहीं हैं।
बताते है कि इस पद के लिए एक महिला पत्रकार की भी जबरदस्त दावेदारी थी लेकिन वो फिलहाल नाकाम रही हैं।इस तरह का खुलासा कहीं अनौपचारिक बातचीत में रिटायर होने वाले अध्यक्ष की जुबानी हुआ हैं। खुलासा हुआ भी बेहद दिलचस्प तरीके से हैं।
बहरहाल, इस सरकार ने लाडलों को खैराते दोनों हाथों बांटने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल की सरकार में सुभाष आहलुवालिया व मीरा वालिया विजीलेंस की जांच में घिरे थे। तब मीरा वालिया से विजीलेंस ने पूछताछ भी की थी जबकि अबकी बार ये दोनों मोदी सरकार की इडी की आंच में हैं। शिमला में तैनात इडी के पूर्व सहायक निदेशक भूपेंद्र सिंह नेगी ने इनसे सबंधित बड़ा पुलिंदा तैयार किया था। भूपेंद्र नेगी हिमाचल पुलिस के अफसर थे व वो कई सालों तक इडी में रहे थे। इन दिनों वीरभद्र सिंह सरकार ने उन्हें बटालियन में तैनात कर रखा हैं।
