शिमला। जिला किन्नौर के शोंगटोंग हाइड्रो पावर प्राजेक्ट में पिछले पांच महीनों से चल रही हडताल व प्रदेश की विभिन्न जेलों में बंद मजदूरों को रिहा करने की मांग को लेकर सीटू ने वीरवार को राजधानी में भारी बारिश के बीच धारा 144 को तोडते हुए एजी चौक से नाज होते हुए डीसी आफिस तक रैली निकाली। सीटू प्रमुख जगतराम व माकपा के पूर्व राज्य सचिव राकेश सिंघा की कमान में सीटू कार्यकर्ताओं ने प्रदेश की वीरभद्र सिंह सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

ये पहली बार था कि राजधानी के मालरोड़ पर कोई प्रदर्शन पुलिस की गैर मौजूदगी में चलता रहा और सरेआम बिना किसी रोकटोक के धारा 144 को तोड़ने दिया गया।

मजदूरों की मांगों को लेकर जब सीटू कार्यकर्ता धारा 144 तोड़ रहे थे तो शिमला पुलिस गायब हो गई। भारी बारिश के चलते सीटीओ से लेकर,स्कैंडल,रिपोर्टिंग रूम व नाज तक कोई भी पुलिस कर्मी कहीं नजर नहीं आया। आखिर में नाज से थोड़ा पहले कुछ पुलिस कर्मी नजर आए।

सीटू की ओर से आज शिमला बंद की कॉल दी गई थे। जिसके चलते राजधानी के नामी रेस्‍तरां अल्‍फा व बालजीज,ओबराय होटल समेत कई व्‍यापारिक प्रतिष्‍ठान बंद रहे।

रैली के बाद डीसी आफिस के बाहर आयोजित जनसभा में माकपा नेता सिंघा ने कहा कि नौकरशाह,नेता और ठेकेदार प्रदेश को बुरी तरह से लूटने में लगे है जबकि प्रदेश में काम कर रहे मजदूरों के हकोंं पर सरेआम डाका डाला जा रहा है।शोंगटोंग के मजदूरों को वेतन नहीं दिया जा रहा जब उन्‍होंने वेतन के लिए आवाज उठाई तो उन्‍हेंप्रदेश की विभिन्‍न जेलोंं में डाल दिया है। सिंघा ने कहा कि प्रदेश में मजदूरों के साथ ऐसा कभी नहीं हुआ।

सीटू के मुखिया जगत राम ने कहा कि मजदूरों की ये लड़ाई बंद नहीं होगी।वीरभद्र सरकार जितनी मर्जी जेलें भर लें।उन्‍होंने प्रदेश केमजदूरों का आहवान किया कि वो शोंगटोंग के मजदूरों  को उनका हक दिलाने के लिए एकजूूट हो जाए।शोंगटोंग में  मजदूर 148 दिनों से हड़ताल पर है लेकिन वीरभद्र सिंह सरकार मौन है।

सीटू के राज्‍य सचिव विजेंद्र  मेहरा ने कहा कि 13 से 15 अगस्‍त को सीटू के हमीरपुर में होने वाले राज्‍य सम्‍मेलन में शोंगटोंग के मजदूरों की लड़ाई को प्रदेशव्‍यापी बनाने के लिए रणनीति तैयार करेगा।

सीटू कार्यकर्ता भारी बारिश में छाते लिए रैली में डटे रहे।