शिमला। वन रैंक,वन पैंशन के लागू न होने से खफा देश भर के पूर्व सैनिकों ने 15 अगस्‍त को लाल किले  के बाहर मार्च करने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का घेराव एलान किया है।

इंडियन एक्‍स सर्विसमैन फेडरेशन की हिमाचल  इकाई के अध्‍यक्ष मेजर विजय सिंह मनकोटिया ने शुक्रवार को राजधानी शिमला में संवाददाताओं से कहा  फेडरेशन प्रधानमंत्री ,रक्षा मंत्री और वित मंत्री को नोटिस भेजेगा । उसमें अल्‍टीमेटम दिया जाएगा कि अगर  उनकी वन रैंक वन पैंशन की मांग को 30 दिनोें के भीतर लागू नहीं किया तो मुल्‍क के सारे पूर्व फौजी 15 अगस्‍त को दिल्‍ली में लाल किले के बाहर जब प्रधानमंत्री लालकिले की प्राचीर से तिरंगा लहरा रहे होंगे तो मार्च निकालेंगे और उसक बाद प्रधानमंत्री का घेराव किया जाएगा।उनहोंने कहा  पूर्व फौजियों ने डयूटी के दौरान सीमाओं पर  मोर्चा संभाला  अब वो यहां पर मोर्चाबंदी करेंगे  और सरकार के खिलाफ पूरे मुलक  में आंदोलन छेड़ देंगे।

मनकोटिया ने कहा कि वन रेंक वन पैंशन के लिए कुल 6400 के बजट का प्रावधान किया गया है। प्रधनमंत्री के पास  कभी मंगोलिया तो कभी किसी दूसरे  देश में जाकर उन्‍हें पैसे बांट रहे  हैं। लेकिन उनके देश के जवान जो सीमा पर रोजाना मर रहे है उनके लिए कुछ नहीं है।उन्‍होंने कहा कि जब से केंद्र में मोदी सरकार सता में आई हैं तब से एक भीदिन ऐसा नहीं गया हें जिस दिन देश के किसी हिस्‍से में जवान की लाश न पहुंची हो।

उन्‍होंने  कहा फौजी अपने हकोंकी  लड़ाई पिछले 31 सालों से लड़ रहे है।देश की सभी सरकारों और पार्टियों  ने चुनावों से पहले उनकी वन  रैंक -वन पैंशन की मांग को सता में आने पर  पूरी करने  का आश्‍वासन  दिया जाता रहा। लेकिन किसी ने कुछ नहीं किया। उन्‍होंने दावा किया कि वो इस लड़ाई के कम से कम बीस बार अदालतों में जीत चुके है। लेकिन सरकार अदालतों के आदेश भी नहीं मानती।

उनहोंने कहा कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को कहा कि आपने देश के फौजियों को भिखारी बना दिया है।  मनकोटिया ने मोदी  सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि वो देश के जवानों और किसानों दोनों का शोषण कर रहे है।  बेशक किसान  खुदकुशी कर रहे हो लेकिन वोफौजी है व खुदकुशी नहीं करेंगे व जंग लड़ेंगे। फौजियों ने कई  देशों साथ लड़ाइयां लडी व जीती है । अबवो