धर्मशाला। कांगड़ा की अदालत ने भाजपा सांसद और एचपीसीए मामले में आरोपी अनुराग ठाकुर और एबीवीपी के पूर्व नेता नरेंद्र अत्री के खिलाफ अदालत में हाजिर न होने पर गैर जमानती वारंट जारी किए है।शुक्रवार को अनुराग जब अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन कैरी से  मिल रहे थे तो उनके खिलाफ धर्मशाला की अदालत से वारंट जारी हो चुके थे। कैरी इन दिनों  भारत यात्रा पर है।

अमेरिका ने गुजरात दंगों के बाद मोदी को अमेरिकी वीजा देने से इंकार कर दिया था। मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद अमेरिका उनके साथ दोस्‍ताना रिश्‍ते कायम करना चाहता है ताकि उसका व्‍यापार चलता रहे।अमेरिका की नजर में अब गुजरात दंगों का दाग मोदी के दामन से धुल गया है।अ

नुराग का कैरी से मिलना भाजपा के एक धड़े को रास नहीं आ रहा है। इन भाजपाइयों की माने तो जिस मुल्‍क ने मोदी को वीजा देने से इंकार कर दिया था। उस  मुल्‍क के नेता के साथ फोटू खिंचवाने कीक्‍या जरूरत थी। अनुराग मंत्री तो है नहीं  कि उन्‍हें प्रोटोकॉल के तहत मिलना होता। वो भाजयुमो के अध्‍यक्ष है अपनी नाराजगी भी दिखा सकते थे। अमेरिका भारत  की जासूसी भी करता है। देश के युवा वर्ग की ओर से नाराजगी तो जताई ही जा सकती थी।लेकिन अनुराग  कैरी के आगे पीछे घुमते रहे और फोटू खिचंवाते रहे।जबकि धर्मशाला  में अदालत में उनकी पेशी थी।

अनुराग और भाजयुमो  के कार्यकर्ताओं ने एक अरसा पहले धर्मशाला में विजीलेंस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था।पुलिस ने तब सरकारी काम में बाधा डालने का मामला दर्ज किया था।

सीजेएम जसवंत सिंह  की अदालत में अनुराग के वकील  ने  अर्जी भी दी  कि इन दिनों संसद का सत्र चल रहा है इसलिए अनुराग को हाजिर  होने से छूट दी जाए।सीजेएम ने  इस आधार  पर अर्जी खारिज कर दी कि अर्जी के साथ लोकसभा सत्र के चले होने का प्रमाणपत्र नहीं है।

अदालत ने बाकी आरोपियों जमानत दे दी।

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