शिमला प्रेमु जमीन खरीद मामले में आरोपी व पूर्व मुख्‍यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के छोटे बेटे अरुण धूमल ने आज दोबारा वक्‍कामुल्‍ला चंद्रशेखर की  ओर से वीरभद्र सिंह व उनके परिवार के सदस्‍यों  की ओर से लिए कर्ज को लेकर सवाल उठाया। छोटे धूमल ने वीरभद्र सिंह से इस मामले में 16 दिसंबर से शुरू  होने  वाले विधानसभासत्र  में जवाब देने की मांग की है।

इसके अलावा  उन्‍होंने अप्रत्‍यक्ष तौर पर कहा कि प्रदेश में सरकार की लीडरशिप बदलने वाली है।उन्‍होंने कहा कि वीरभद्र सिंह कब तक मुख्‍यमंत्री रहते है ये देखना है और प्रतिभा सिंह आगामी लोकसभा चुनाव लड़ने वाली नहीं है।

यहां आयोजित संवाददाता सम्‍मेलन में अरुण धूमल ने एक अंग्रेजी अखबार पर भी तंज कसे और पत्रकारों को नैतिकता का पाठ पढ़ाया।

अरुण धूमल ने वीरभद्र सिंह के परिवार के खातों में पैसे आने के खुलासे को जारी रखा और कहा कि प्रतिभा सिंह के खाते में 60 लाख रुपए 27 फरवरी 2013  में भी आए है। उन्‍होंने पत्रकारों से कहा कि आप मानिए प्रतिभा सिंह आगामी लोकसभा चुनाव उन्‍होंने वीरभद्र सिंह से 9 सवाल भी पूछे है और कहा कि वीरभद्र सिंह  सरकार के मुखिया है इसलिए अगर वो मुख्‍यमंत्री रहते है तो उन्‍हें इन सवालों के जवाब विधानसभा में देने चाहिए।

 छोटे धूमल ने कहा कि वक्‍कामूल्‍ला को आवंटित साई कोठी प्रोजेक्‍ट को गलत तथ्‍य बताने पर 2003 में कांग्रेस सरकार ने रदद कर दिया था और इस प्रोजेक्‍ट का  निर्माण हिमाचल बिजली बोर्ड से कराया जाने का फैसला लिया।

अरुण धूमल ने वीरभद्र सिंह पूछा कि 2011में वक्‍कामूला ने उन्‍हें करोड़ों रुपए दिए और ये तथ्‍य वह विधानसभा चुनाव में चुनाव आयोग के सामने पेश किए शपथ पत्र  में दर्ज नहीं की। प्रतिभा सिंह ने शपथपत्र में वक्‍कामूला से तीन करोड़ 90 लाख रुपए की दर्शायी देनदारी से ज्‍यादा राशि ली।  

उन्‍होंने कहा कि आप  मान  के चलिए प्रतिभा  सिंह चुनाव  नहीं लड़ेगी।उन्‍होंने कहा  कि उनके बेटे के खाते में पैसे गए है।वक्‍कामूला की कंपनी ने खुद बैंक से 30 करोड़ रुपए कर्ज लिया और उसने 4 करोड़ 65 लाख की अदायगी नहीं की है।

ये पूछने पर कि वक्‍कामूला की कंपनी के खिलाफ 2007 से 2012 तक सत्‍ता में रही  भाजपा सरकार ने कोई कार्रवाई क्‍यों नहीं की इस पर छोटे धूमल ने कहा कि शायद  ये मामला सरकार से छुपाया गया होगा।

अरुण धूमल ने कहा कि वक्‍कामूला की कंपनी को प्रोजेक्‍ट दोबारा आवंटित करने के मामले में कुछ जिम्‍मेदारी तत्‍कालीन बिजली मंत्री विदया स्‍टोक्‍स और मौजूदा बिजली मंत्री की भी है। विदया स्‍टोक्‍स मुख्‍यमंत्री  की  कुर्सी की कतार में है उन्‍हें भी जवाब देना चाहिए।