शिमला।संजौली की सरस्‍वती पैराडाइज स्‍कूल की संचालिका मनीषा मित्‍तल के मर्डर को अंजाम देने में आरोपियों ने सीसीटीवी कैमरों की पूरी मदद ली। मृतका मनीषा मित्‍तल के भाई हिमांक मित्‍तल के पास इस स्‍कूल के सीसीटीवी कैमरों का एक्‍सेस था व वह बहन मनीषा की हर हरकत पर नजर रखता था। साथ ही उसने अपने पार्टनर गोबिंद को भी इस मामले में साझीदार बनाया।

पुलिस ने इस मामले को सुलझाने का दावा करते हुए कहा कि इस हत्‍या को मनीषा के भाई हिमांक और उसके साझीदार गोबिंद ने शूटरों को सुपारी देकर अंजाम दिलवाया। हिमांक ने शूटरों के साथ साढ़े आठ लाख रुपए में सौदा तय किया। इसके अलावा वारदात को अंजाम देने के लिए दोनों शूटरों आशीष अहलावात और दीपक को स्विफट कार भी मुहैया कराई।

एएसपी शिमला मेहर पंवर ने राजधानी में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि इस हत्‍या के पीछे संपति विवाद मुख्‍य वजह रही है।

याद रहे मनीषा मित्‍तल की 13 जून को हरियाणा से आए दो शूटरों आशीष और दीपक ने शाम को स्‍कूल के गेट के बाहर सरेआम गोली मारकर हत्‍या कर दी थी। इसके बाद ये दोनों मौके से फरार हो गए थे और इनको पुलिस प्रदेश के सीमाओं के भीतर पकड़ नहीं पाई थी करीब 40 घंटों  बाद पुलिस ने इन दोनों को हरियाणा के रोहतक से अरेस्‍ट कर लाई थी। साथ ही पुलिस ने दोनों के कब्‍जे से  वारदात में इस्‍तेमाल दोनों पिस्‍तोलें बरामद करने का दावा भी किया था।

लेकिन पुलिस अभी तक साजिशकर्ताओं हिमांक व गोबिंद को नहीं पकड़ पाई थी।

एएसपी ने कहा कि हिमांक रोहतक में अस्‍पताल में भर्ती है वो वहां पुलिस की हिरासत में है। जैसे ही ठीक होगा उसे गिरफतार कर लिया जाएगा। जबकि गोबिंद विदेश चला गया था व वहां से लौटने के बाद वो पुलिस से छिपता फिरता रहा। बीते रोज उसे भी गिरफतार कर लिया गया है और वो पुलिस रिमांड पर हैं।

एएसपी के मुताबिक जांच के दौरान पता चला कि हिमांक के पार्टनर गोबिंद ने आरोपी दीपक को पैसे ट्रांसफर किए थे जिसमें 20 हजार उसके बैंक खाते में गए थे और पचास हजार रुपए नगदी दी गई ।

यही नहीं वारदात को अंजाम देने से कुछ दिन पहले गोबिंद व दोनों शूटर आशीष और दीपक शिमला आए थे। जांच के दौरान इनकी लोकेशंस शिमला में पाई गई।

शिमला में स्‍कूल मालकिन की गोली मारकर हत्‍या,कुछ दिन पहले जताया था अंदेशा