‍शिमला। इंदौरा की जटोली झिकली,लोधवा निवासी कैंचना देवी पत्‍नी बर्फी देवी की जमीन को माफियाओं की ओर से उखाड़ देने के मामले में राष्‍ट्रीय हरित पंचाट यानी एनजीटी ने संज्ञान लिया है और प्रशासन को कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।

कैंचना देवी ने एनजीटी को चिटठी लिखी थी कि वो उपरोक्‍त गांव की रहने वाली है व उसका पैतृक गांव चंबा में हैं। उसने लिखा की लोधवा में उसने पहाड़ पर जमीन खरीद कर अपना घर बनाया था।

लेकिन नवंबर 2024 में  जब वो अपने पैतृक गांव आई थी तब लोधवा के एक व्‍यक्ति जो खनन का काम करता है ने इनकी जमीन को बिना इजाजत के उखाड़ दिया व निकली सामाग्री को बेच डाला।

एनजीटी को भेजी चिटठी में उसने इल्‍जाम लगाया कि इनके खिलाफ एसडीएम,खनन अधिकारी और पुलिस ने भी कोई कार्यवाही नहीं की। इस महिला उखाड़े पहाड़ों की तस्‍वीरें भी एनजीटी को भेजी। इस महिला ने कहा कि इन लोगों ने जमीन समतल करने के नाम पर निजी व सरकारी जमीनों को समतल कर दिया है।इस महिला ने कहा कि खनन की वजह से उसका घर खतरे की ज़द में आ गया है और बरसात में जमीन कभी भी खिसक सकती है।

इस महिला ने लिखा कि उसे इंसाफ दिया जाए और प्रदेश में खनन को बंद किया जाए।

इस चिटठी पर एनजीटी न्‍यायकि सदस्‍य अरुण कुमार त्‍यागी और विशेषज्ञ सदस्‍य डाक्‍टर अफरोज़ अहमद की खंडपीठ ने संज्ञान लिया । खड़पीठ ने कहा कि चिटठी में कब खनन किस तारीख को किस साल और किस खसरा नबंर पर हुआ आदि का पूर्ण विवरण नहीं दिया गया है।

 महिला की ओर से मामले की सुनवाई पर पैरवी करने कोई हाजिर भी नहीं हूुआ। संभवत: महिला  किसी को वकील करने की स्थिति में नहीं  रही होंगी। अन्‍यथाा वो चिटठी नहीं लिखती, अदालत में मुकदमा कर देती।

खंडपीठ ने अपने आदेश में ये भी कहा कि शिकायत कर्ता कैंचना देवी ने अपनी चिटठी में हवाला दे रखा है कि उसने विभिन्‍न अधिकारियों से शिकायत की लेकिन एनजीटी को उनकी प्रतियां नहीं भेजी हैं।

खंडपीठ ने इस शिकायत का निपटारा कर दिया लेकिन साथ ही जिला मजिस्‍ट्रेट चंबा और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी चंबा को निर्देश दिए कि अगर उक्‍त शिकायत कर्ता उनके समक्ष पूरा विवरण देती है तो इस मामले में दखल दिया जाए और प्रतिरोधात्‍मक, दंडात्‍मक ,रोकथाम और शमन के कदम उठाए जाए।

खंडपीठ की ओर से इस बावत डीसी चंबा और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी चंबा को इमेल के जरिए अपने आदेश भेज दिए हैं।

उधर, इस बावत https://reporterseye.com/ जब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी चंबा राहुल शर्मा से पूछा गया तो उन्‍होंने कहा कि ये कांगड़ा का मामला लग रहा है। उनके पास कोई आदेश नहीं पहुंचा हैं।

https://reporterseye.com/ ने इस आदेश की प्रति प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी  कांगड़ा बरुण गुप्‍ता से भी साझा की । उन्‍होंने कहा कि ये मामला खनन विभाग से जुड़ा है। उनके पास कोई आदेश नहीं पहुंचा हैं। लेकिन फिर भी वो मामले की तहकीकात करेंगे।

https://reporterseye.com/ ने इस आदेश की प्रति डीसी कांगड़ा हेमराज बैरवा से भी साझा की । डीसी कांगड़ा बैरवा ने कहा कि वो इस मामले को देखकर कुछ बता सकते हैं।

 

संभवत: एनजीटी की ओर से इस मामले में चंबा के अधिकारियों की जगह कांगड़ा के अधिकारियों को निर्देश देने चाहिए थे। संभवत: एनजीटी इस बावत कुछ करे भी । लेकिन बड़ा सवाल प्रदेश सरकार व स्‍थानीय प्रशासन को लेकर है कि जब कैंचना देवी ने स्‍थानीय प्रशासन से शिकायत की तो कार्यवाही क्‍यों नहीं हुई।