शिमला। प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने बजट सत्र शुरू होने से पहले कर्मचारियों का एजेंडा मुख्‍यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्‍खू के सामने रख दिया हैं। महासंघ ने मुख्‍यमंत्री से बिजली बोर्ड,जिला परिषद और अन्‍य छूट गए विभागों में कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग रख दी हैं। याद रहे बिजली बोर्ड के कर्मचारियों को सत्‍ता में दो साल से ज्‍यादा समय हो जाने के बाद भी सुक्‍खू सरकार ओपीएस नहीं दे पाई हैं।

 

 

कर्मचारियों के एजेंडे को लेकर अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ का प्रतिनिधिमंडल प्रदीप ठाकुर की अध्यक्षता में सचिवालय सुक्खू से मिला l

 

महासंघ अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने कहा कि विभिन्न विभागों के कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी रिक्त पदों को जल्द भरा जाना चाहिए।  दो साल पूरे कर चुके कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए पहले की तरह साल में दो बार रेगुलर  किया जाना चाहिए और  वर्तमान समय में जो कर्मचारी 31 मार्च तक अपना दो साल का कार्यकाल पूर्ण कर रहे हैं उनके नियमितकरण की अधिसूचना 20 मार्च से पहले जारी कर दी जानी चाहिए।

 

महासंघ ने  बकाया मंहगाई भते की अदायगी, 2016 के वेतन आयोग के अनुसार बकाया राशि का भुगतान करने, विभिन्न विभागों के विभिन्न वर्गों में वेतन विसंगति को जल्द दूर करने, प्रदेश के कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति 58-60 करना जिसमें चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु 58 से बढ़ाकर 60 वर्ष जल्द करना, विभिन्न विभाग के विभिन्न वर्गों के पद नाम बदलने, वेटरनरी फार्मासिस्टों का पदनाम बदलने  के अलावा पशु पालन विभाग में कार्य की अधिकता के मध्यनजर मल्टी टास्क वर्कर तथा वैक्सीनेटर की जल्द नियुक्ति की मांग की हैं।

 

 

ठाकुर ने मुख्यमंत्री आरोग्य पशुधन योजना के तहत  नियुक्त कर्मचारियों के लिए चरणबद्ध तरीके से नियमितीकरण की नीति बनाने , जल रक्षकों को अनुबंध में शामिल करने  की अवधि 12 वर्ष से घटाकर 8 वर्ष करने, आवास भत्ते में लंबे समय से वृद्धि न होने के कारण विभिन्न कर्मचारी वर्ग का आवास भत्ता बढ़ाने ,  विभागीय पदोन्नती समय पर करने, करूणामुल्क आधार पर विभिन्न विभागों में लंबित मामलों का निपटारा करने  सभी को वन टाइम रिलैक्सेशन देकर नियुक्ति देने की भी मांग की ।

 

उन्‍होंने कहा कि , जिला परिषद कर्मचारियों को विभाग में मर्ज करने, मिड डे मील वर्कर, आंगनवाड़ी सहायिका के लिए स्थाई नीति, आउटसोर्स कर्मचारी के लिए स्थाई नीति, जोनल हॉस्पिटल मंडी में पदो को सृजित करना, मल्टी टास्क कर्मी तथा पंचायत वेटेरिनरी असिस्टेंट के लिए स्थाई नीति, पंचायत चौकीदारों के लिए नीति बनाने  का भी मसला मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया गया हैं।

इस मौके पर राज्य महासचिव भरत शर्मा, अरविंद, विजय कश्मीर व अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे lप्रदीप ठाकुर ने दावा किया कि मुख्‍यमंत्री ने उन्‍हें तमाम मांगों पर गौर करने का भरोसा दिया हैं।

(35)