शिमला। सुक्खू सरकार की ओर से महिलाओं को 15 सौ रुपए पेंशन देने के मसले पर पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व उनकी भाजपा पूरी तरह से विरोध पर उतर आई हैं लेकिन वामपंथी माकपा के बैनर तले सुक्खू सरकार के संग हो ली हैं। चुनावों की बेला पर ये मसला बेहद संवेदनशील हो गया हैं। […]
शिमला। सुक्खू सरकार की ओर से महिलाओं को 15 सौ रुपए पेंशन देने के मसले पर पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व उनकी भाजपा पूरी तरह से विरोध पर उतर आई हैं लेकिन वामपंथी माकपा के बैनर तले सुक्खू सरकार के संग हो ली हैं। चुनावों की बेला पर ये मसला बेहद संवेदनशील हो गया हैं।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि विधान सभा चुनाव की तरह इस बार भी मातृशक्ति को ठगने का प्रयास कर रही है। आदर्श आचार संहिता लगने के बाद भी सम्मान निधि के फॉर्म भरवाए जा रहे हैं। यह फॉर्म भी विधान सभा में चुनावों से पहले भरवाए फ़ॉर्म की तरह ही है।
जयराम ने कहा कि सरकार बनने के बाद न जाने कितनी कैबिनेट बैठकें हो गई लेकिन सरकार को अपनी इस गारंटी की याद नहीं आई। जैसे ही पता चला कि एक हफ़्ते किए भीतर आचार संहिता लगने वाली है बिना बजट के प्रावधानों के ही फिर से सम्मान निधि का फॉर्म भरवाया जाने लगा। पिछली बार की तरह इस बार कांग्रेस के मंसूबे कामयाब नहीं होंगे। इस बाबत उन्होंने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मिलकर इस पूरे प्रकरण पर कार्रवाई करते हुए इसे तत्काल प्रभाव से रोकने की माँग की।
जयराम ठाकुर ने इल्जाम लगाया कि कहा कि आचार संहिता की आड़ में प्रशासन सरकार के निर्देश पर अयोध्या धाम में निर्मित भगवान राम के मंदिर के पोस्टर और बैनर फाड़ रही है। जबकि सरकार के नेताओं और पोस्टर को नहीं छू रहा है। इस तरह से पक्षपात पूर्ण कार्रवाई को भी मुख्य निर्वाचन अधिकारी के संज्ञान में लाया गया। उन्होंने आगाह किया कि अधिकारी क़ानून के दायरे में रहकर काम करें और लक्ष्मण रेखा न लांघे। इस सरकार के भविष्य के साथ अपना भविष्य न जोड़ें।
उधर, सुक्खू सरकार के राजस्व मंत्री ने नेता प्रतिपक्ष जयराम को कटघरे में खड़ा करते हुए इल्जाम लगा दिया कि
भाजपा और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर महिला विरोधी हैं। इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि के तहत महिलाओं को मिलने जा रहे 1500 रुपये से विपक्ष पूरी तरह बौखला गया है। इस योजना का लाभ प्रदेश में पहली अप्रैल 2024 से प्रदान करने की औपचारिकताएं चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले पूरी हो चुकी हैं।
नेगी ने कहा कि योजना के लिए बजट का प्रावधान किया जा चुका है मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है। योजना को लागू करने की अधिसूचना सरकार जारी कर चुकी है। अगर महिलाएं अब फार्म जमा कर रही हैं तो भाजपा और जयराम ठाकुर क्यों विरोध कर रहे हैं। उन्हें महिलाओं को बताना होगा क्या वह चाहते हैं कि 18 साल से अधिक आयु की पात्र बेटियों, बहनों और माताओं को इस योजना का लाभ नहीं मिलना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष को लोकसभा चुनाव व विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की हार साफ नजर आ रही है इसलिए वह महिलाओं के विरोध में आ खड़े हुए हैं। प्रदेश की महिला शक्ति उन्हें इस विरोध का मुंहतोड़ जवाब देगी और आगामी चुनावों में भाजपा को चारों खाने चित करेगी।
उधर वामपंथी पार्टी माकपा ने चुनाव आयोग से महिलाओं को मिलनी वाली पेंशन की प्रक्रिया को जारी रखने का आग्रह आग्रह किया हैं। प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी मनीष गर्ग से मिलकर वामपंथी नेताओं संजय चौहान, कुलदीप तंवर, बिजेंद्र मेहरा व बाकियों ने इस बावत ज्ञापन देकर कहा कि महिलाओं को 1500 रुपए पेंशन देने का फैसला चुनावी अधिसूचना जारी होने से पहले शुरू हो चुकी हैं। इसलिए इस प्रक्रिया को रोका नहीं जाना चाहिए।
