शिमला। वित विधयेक के दौरान सदन से गैर हाजिर रह कर सुक्‍खू सरकार को गिराने की कोशिश करने वाले व राज्‍य सभा चुनावों में  विरोधी पार्टी भाजपा के प्रत्‍याशी हर्ष महाजन के पक्ष में क्रास वोटिंग करने वाले छह कांग्रेस विधायकों को आज भी पार्टी से बाहर नहीं निकाला गया हैं। इसके अलावा इनमें से किसी ने भी सार्वजनिक तौर पर पार्टी की प्राथमिक सदस्‍यता से इस्‍तीफा नहीं दिया हैं। यानी ये आज भी कांग्रेस के सदस्‍य ही हैं।

ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि ये छह कांग्रेस विधायक पार्टी में किसके बूते अभी भी कांग्रेस के सदस्‍य बने हुए हैं। ये राज पार्टी के भीतर के लोग तो जानते ही है लेकिन सार्वजनिक कोई नहीं कर रहा है ।

 याद सुधीर शर्मा, राजेंद्र राणा,  इंदर दत लखनपाल,रवि ठाकुर, देवेंद्र भुटटो और चैतन्‍य शर्मा को स्‍पीकर कुलदीप पठानिया ने अयोग्‍य ठहराकर इनकी सदस्‍यता रदद कर दी थी।  इसके बाद सुधीर शर्मा को आलाकमान ने अखिल भारतीय कांग्रेस समितिके सचिव पद से हटा दिया था। राजेंद्र राणा कांग्रेस पार्टी के कार्यकारी अध्‍यक्ष थे, उन्‍होंने अपने पद से  इस्‍तीफा दे दिया था। लेकिन ये सभी कांग्रेस विधायक अभी भी कांग्रेस के प्राथमिक सदस्‍य हैं। इनको पार्टी की प्राथमिक सदस्‍यता से अभी तक नहीं हटाया गया  हैं।

सुक्‍खू गांव  -गावं जाकर निकाल रहे है गुब्‍बार

इन छह विधायकों के खिलाफ मुख्‍यमंत्री सुखविंदर सिंह गांव –गांव जाकर गुब्‍बार निकाल रहे हैं । ऐसे में वह लोगों के बीच इनके खिलाफ जमकर भड़ासा निकाल रहे है लेकिन पीछे से बगल में भी बिठाए हुए हैं। चूंकि  सुक्‍खू सरकार को गिराने का षडयंत्र हुआ तो सुक्‍खू को इन्‍हें पार्टी में रहने देना चाहिए था या नहीं ये बड़ा सवाल हैं।