शिमला ।जिला चंबा के चुराह हलके की चांजू व देहरा पंचायतों के लोगों ने जन संघर्ष समिति देहरा के बैनर तले हिमाचल प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड के हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट चांजू-3 (48mw) के उप महाप्रबंधक को मांग पत्र देकर बघेईगढ़ से चांजू काली माता मंदिर तक खस्ता सड़क की मरम्मत जल्द से जल्द करवाने की […]
शिमला ।जिला चंबा के चुराह हलके की चांजू व देहरा पंचायतों के लोगों ने जन संघर्ष समिति देहरा के बैनर तले हिमाचल प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड के हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट चांजू-3 (48mw) के उप महाप्रबंधक को मांग पत्र देकर बघेईगढ़ से चांजू काली माता मंदिर तक खस्ता सड़क की मरम्मत जल्द से जल्द करवाने की मांग की।
गांव के लोगों ने साथ ही मांग रखी कि ग्राम पंचायत चांजू और देहरा के स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य सुविधा लिए बनने वाले अस्पताल की बिल्डिंग का निर्माण कार्य जल्दी शुरू किया जाए और एंबुलेंस सुविधा शुरू की जाए। इन लोगों ने बैंक शाखा को खोलने की मांग भी की।
जन संघर्ष समिति देहरा के अध्यक्ष अधिवक्ता सुदेश राजपूत ने कहा किजब एचपीपीएल द्वारा हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट चांजू-3 शुरू हो रहा था तो स्थानीय लोगों ने कुछ शर्तो के साथ कंपनी को NOC प्रदान की थी NOC देते समय स्थानीय लोगों ने सभी स्थानीय योग्य लोगों को स्थाई रोजगार उपलब्ध करवाने की शर्त को प्रमुखता से कंपनी के समुख रखा था लेकिन इतना समय बीत जाने के बावजूद एचपीपीसीएल कंपनी स्थानीय लोगों को स्थाई रोजगार उपलब्ध नहीं करवा पाई है।
NOC देते समय कुल जल विद्युत परियोजना लागत का 1.50% पंचायतों में स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (Local Area Development Fund)के तहत खर्च करने व कुल परियोजना लागत का 2.5% सतत विकास (Sustainable Development)के लिए जिलाधिग्रहण क्षेत्र निरूपण योजना के तहत प्रभावित पंचायतों में खर्च करने का प्रावधान किया गया था। था। इसके अलावा पंचायतों में सामुदायिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत विभिन्न विकास कार्य किए जाने थे लेकिन एचपीपीसीएल कंपनी द्वारा NOC के समय तह हुई शर्तों को पूरा करने में आनाकानी की जा रही है ।
हालांकि एचपीपीसीएल के अधिकारियों ने गांव वालों की तमाम मांगों पर गौर फरमाने का भरोसा दिया और कहा कि प्रबंधन ने पहले ही साढ़े तीन करोड़ रुपया डीसी चंबा के पास जमा करा दिया हैं। ऐसे में पंचायत से प्रस्ताव डाल करवा कर इन कामों के लिए पैसा लिया जा सकता हैं।
जन संघर्ष समिति देहरा के अध्यक्ष सुदेश राजपूत ने कंपनी को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 15 दिन के अंदर एचपीपीसीएल द्वारा उपरोक्त उनकी पर सकारात्मक कदम नहीं उठाया तो स्थानीय लोग उग्र आंदोलन का रुख करेंगे जिसकी सारी जिम्मेदारी एचपीपीसीएल की होगी और साथ ही साथ NOC के समय तह हुई शर्तो को न पूरा करने के मामले में स्थानीय लोग न्यायालय का दरवाजा खटकाटाएंगे।
