शिमला। NSUI की विवि इकाई ने विवि के पूर्व उप कुलपति व अब भाजपा के राज्‍यसभा सांसद सिकंदर कुमार  पर बतौर उप कुलपति अपने कार्याकाल में भर्ती घोटाला करने का संगीन इल्‍जाम लगाया हैं।

इस बावत आज NSUI के छात्र  विवि कार्यकारिणी  सदस्‍यों से मिले और उनसे व सरकार से मांग की कि इस घोटज्ञले की न्‍यायिक लांच की जाए।याद रहे छात्र संगठन एक अरसे से इस कथित घोटाले की जांच की मांग कर रहे हैं लेकिन प्रदेश की कांग्रेस सरकार इस मसले पर पूरी तरह से चुप्‍पी साधे हुए हैं।

विवि परिसर अध्यक्ष योगेश यादव ने कहा कि कार्याकारिणी परिषद की बैठक में भाग लेने आए सदस्‍यों  को NSUI  की ओर से मांग पत्र दिए गए । उन्‍होंने कहा कि पूर्व कुलपति प्रो. सिकंदर कुमार के समय में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय  में की गई सभी शिक्षक व गैर शिक्षक भर्तियों के घोटालों की न्यायिक जांच की जाए।

पूर्व कुलपति सिकंदर कुमार और अन्‍य दो प्रोफेसरों के बच्चों की पीएचडी में जो यूजीसी के नियमों को दरकिनार करके दाख़िले किए गये है उन्हें तुरंत प्रभाव से निरस्त किया जाये। यादव ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में आउटसोर्स कर्मचारियों का सेवा विस्तार रद्द कर जल्द स्थाई कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए।

छात्र संघ चुनाव करने की मांग

यादव ने छात्र संगठन एनएसयूआई की ओर से यूनिवर्सिटी व कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग प्रमुखता से उठाई। याद रहे छात्र संघ चुनावों पर पूर्व  मुख्‍यमंत्री वीरभ्द्र सिंह सरकार के समय पांबदी लगी थी जिसे बाद की भाजपा सरकार ने भी बहाल रखा । अब कभी एनएसयूआइ के अध्‍यक्ष रहे मुख्‍यमंत्री सुक्‍खू से छात्रों को उम्‍मीद है कि वह छात्र संघ चुनावों को बहाल करेंगे।

 

योगेश यादव ने एनएसयूआई  की ओर से मांग की कि बीए बीएसी और बीकॉम के जो छात्र विश्वविद्यालय की ओर से निर्धारित चांस में अपने रीअपीयर को पास नहीं कर पाये हैं उन्हें एक और मौक़ा दिया जाये और उन्हें सशर्त तृतीय वर्ष  की परीक्षा में बैठना दिया जाये। साथ ही एनएसयूआई ने मांग की है कि वर्ष 2019 बैच के जिन छात्रों ने  डिग्री के मध्य में जेबीटी भी की है उन्हें डिग्री पूर्ण करने का एक और मौका दिया जाये।

 

यादव ने विवि परिसर मे खुले कामधेनु के बिक्री केंद्र  व अन्य ढाबों पर लगातार प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों से की जा रही लूटपाट से छात्रों को राहत दिलाने के लिए उचित कीमतों को निर्धारित व खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए विशेष कमेटी जिसमें छात्रों का प्रतिनिधित्व भी शामिल हो गठित कर छात्रों को राहत प्रदान करने की मांग की है। इसके  अलावा लाइब्रेरी व हास्टलों के मुद्दों को लेकर भी एनएसयूआई ने कई मांगे कार्यकारी परिषद के सदस्यों के समक्ष रखी