शिमला। मुख्‍यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्‍खू ने अपने दूसरे बजट में हिमाचल के किसानों को MSP का तोहफा दे दिया हैं। बजट में बेरोज़गार युवाओं कोप्राकृतिक खेती के लिए प्राकृतिक रूप से उगाए गए गेहूँ को 40 रुपये  और मक्की को 30 रुपये प्रतिकिलोग्राम का न्यूनतम समर्थन मूल्य का एलान किया गया हैं।

 इसके अलावा पशु पालन  व दूध उत्पादन को प्राकृतिक खेती से जोड़कर गाय के दूध के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वर्तमान 38 रुपये प्रतिलीटर से बढ़ाकर 45 रुपये प्रतिलीटर  व भैंस के दूध के न्यूनतम समर्थन मूल्य में47 रुपये प्रतिलीटर से 55 रुपये प्रतिलीटर की बढ़ौतरी की गई हैं। लोकसभा चुनावों से पहले सुक्‍खू की ओर से किसानों को साधने की कोशिश की गई हैं।

 

इसके अलावा 36,000 किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ा जाएगा।बजट में खेती को महत्‍व दिया गया हैं । इसके तहत हिमाचल प्रदेश कृषि मिशन के तहत 25 सौ क्लस्टर समूहोंको विकसित करके विभिन्न क्षेत्रों में  कीमती फसलोंको बढ़ावा देने , मोटे अनाज के उत्पादनको बढ़ावा देने के लिए एक विस्तृतकार्य योजना तैयार करने का एलान किया गया है।द्य ।

स्थानीय युवाओं को दूध ले जाने के लिए 50  फीसद उपदान पर 200 रेफ्रिंजेटर मिल्‍क वैन मुहैया कराई जाएगी।

1 अप्रैल, 2024 से दुग्ध उत्पादन सोसाइटियों से एपीमसी की ओर से वसूली जाने वाली फीस को माफ कर दिया जाएगा। दूध उत्पादन सोसाइटियों को दिये जाने वाले भाड़ाअनुदानको डेढ़ रुपये से बढ़ाकर 3 रुपये प्रतिलीटर करने का प्रावधान किया गया हैं।  गौ सदनों को अब सात सौ की जगी 12 सौ प्रति गाय दिए जाएंगे।

2024 के सेब सीज़न से  यूनिवर्सल कार्टन  का प्रयोगआरम्भ कर दिया जाएगा।