शिमला।  18 जुलाई 2023 को राजधानी शिमला के माल रोड़ के करीब हिमाचल रसोई में एलपीजी गैस लीक धमाके  को प्रदेश के टॉप सुपर कॉप डीजीपी संजय कुंडू ने आरडीएक्‍स तो बता दिया लेकिन अभी तक ये आरडीएक्‍स कहां से आया इस बावत कोई खुलासा नहीं किया हैं।

हैरानी की बात यह  है कि प्रदेश के डीजीपी कुंडू ने एनएसजी की रपट के हवाले से यहां पर आरडीएक्‍स और आइइडी होने का दावा  कर रखा है लेकिन सुक्‍खू सरकार में मंत्री विक्रमादित्‍य सिंह, अनिरुद्ध सिंह और विधायक हरीश जनारथा इस मसले पर पूरी तरह से खामोश हैं।

जहां पर यह धमाका हुआ था वहां से कुछ सौ मीटर की दूरी पर हालीलाज है जो सुक्‍खू सरकार में मंत्री विक्रमादित्‍य सिंह का आवास हैं। धमाके की गूंज जाहिर तौर पर उन्‍हें भी सुनाई दी होगी। लेकिन डीजीपी कुंडू के आरडीएक्‍स के खुलासे के बाद उन्‍होंने इस बावत अपनी जुबान नहीं खोली ।

यही नहीं  सुक्‍खू सरकार के दूसरे मंत्री अनिरुद्ध सिंह भी कसुम्‍प्‍टी हलके से विधायक हैं और वह उनका हल्‍का भी शिमला से जुड़ा हुआ हैं।  लेकिन वह भी अभी तक कुछ नहीं बोले नहीं हैं। जबकि कांग्रेस के विधायक हरीश जनारथा का तो यह चुनावी हलका  ही है। वह यहां से जीते हैं। उनके हलके में बकौल डीजीपी कुंडू आरडीएक्‍स पहुंच आ जाए और वह भी खामोश रहे तो हैरानी तो होती ही हैं।  

इन तीनों की इस मसले पर खामोशी कई सवाल खड़े कर देती हैं। क्‍या कांग्रेस के मंत्रियों व विधायक के लिए आरडीएक्‍स मामूली चीज हैं। उन्‍होंने कभी यह नहीं बताया किआरडीएक्‍स लाने वाले को कब तक प‍कड़ा जाएगा। अभी तक किसी को चिन्हित भी किया है या नहीं ये भी किसी को पता नहीं हैं।  

असल में ये आरडीएक्‍स था भी या नहीं या कहीं एनएसजी की लैब में कोई चूक तो नहीं की गई या कराई गई। यह संदेह इसलिए अगर यहां आरडीएक्‍स होता तो जुन्‍गा की फारेसिंक लैब की जांच में इसका खुलासा हो जाता। इसके अलावा जहां पर यह धमाका होता वहां पर गढढा पड़ जाता। लेकिन मौके पर ऐसा कुछ भी नहीं हैं। चूंकि आरडीएक्‍स या तो सुरक्षा एजेंसियों के पास होता है या आंतकियों के पास । पिस्‍तौल,बंदूक,गन आदि में भी गन पाउडर का इस्‍तेमाल होता हैं। वहां आरडीएक्‍स इस्‍तेमाल नहीं होता हैं।

ऐसे में  कहीं ऐसा तो नहीं कि गृह मंत्री अमित शाह के अधीन एजेंसी एनएसजी के अधिकारियों ने गलत सैंपल किसी फारेसिंक लैब को भेज दिए हो और गलफत हो गई हो।

अब भाटिया ने उठा दिया है सवाल

सुक्‍खू सरकार के मंत्रियों व कांग्रेस विधायक ने तो इस मसले पर अब तक जुबान खोली नहीं है लेकिन  अब संत श्री रविदास धर्म सभा के अध्‍यक्ष कर्म चंद भाटिया ने सवाल उठा दिया हैं।

भाटिया ने इस मसले को लेकर पुलिस में कुछ अरसा पहले एफआइआर भी दर्ज करा रखी हैं। भाटिया ने अब  डीजीपी कुंडू व एसपी शिमला संजीव गांधी से पूछा है कि  18 जुलाई 2023 को राजधानी शिमला के मिडल बाजार की हिमाचल रसोई में बम ब्‍लास्‍ट के गुनाहागार कब पकडे जाएंगे । इस कांड को सात महीने से ज्‍यादा का समय हो गया है  लेकिन इस प्रकरण को अंजाम देने वाले रणनीतिकार अभी पकड़े नहीं गए हैं

। भाटिया ने यह भी पूछा कि ये विस्फोटक कहां से आया, इसे कौन लाया, किस से खरीदा, किसने पहुंचाया ।   ब्लास्ट या साधारण गैस लीकेज प्रकरण का मूल उददेश्य क्या था। अभी तक इसकी तह तक पहुंचने  व गुनाहागारों को पकडने में आज तक प्रदेश पुलिस प्रशासन क्यों नाकाम है ।शिमला से ही आरोपी इतनी आधुनिक व्यवस्था के बावजूद  भी फरार हो गए।

                    भाटिया ने प्रदेश मुख्यमंत्री, प्रदेश पुलिस महानिदेशक और जिला शिमला पुलिस अधीक्षक से सवाल किया है क्या राज्य सरकार, प्रदेश पुलिस प्रशासन इस प्रकरण के आरोपियों  व गुनाहागारों को बचा कर कुछ छिपा रहा है या दाल में कुछ काल है या सारी दाल ही काली है।

                              याद रहे कि  इन तमाम तरह के सवालों को Reporters Eye.com की ओर से पहले ही उठाया जा चुका हैं।