शिमला। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज सदन में एलान किया कि आउटसोर्स  के आधार पर बड़े पैमाने पर भर्ती करने वाली आउटसोर्स कंपनी शिमला क्लीनवेज की ओर से पिछले पांच सालों में भर्तियों में की गई तमाम तरह की गडबडियों की जांच कराई जाएगी।

उन्होंने कहा कि इस कंपनी  ने प्रदेश के बेरोजगारों के साथ धोखा किया। चालीस करोड रुपए इस कंपनी को दिए गए हैं। इस कंपनी ने किसको पैसे दिए किसे नहीं दिए। किसका पीएफ जमा कराया किसका नहीं कराया इस सबकी जांच की जाएगी।

मुकेश अग्निहोत्री  आउटसोर्स कर्मियों के कांट्रेक्ट खतम होने पर उनकी नौकरी खत्म होने  के मसले पर विपक्ष के वाकआउट के बाद सदन में सतापक्ष का पक्ष रख रहे थे।

उन्होंने कहा कि अभी भाजपा को सता से बाहर हुए सौ दिन भी नहीं हुए हैं। जनता ने इन्हें सता से बाहर खदेड़ दिया हैं। ये इस पर मंथन नहीं कररहे है कि इन्हें जनता ने बाहर क्यों किया।  उन्होंने कहा कि  इन्होंने आउटसोर्स कर्मियों को अपने समय में नीति क्यों नहीं लाई अब जाकर इनकी शक्तियां जागृत हो रही हैं।  अग्निहोत्री ने कहा कि पहले इन्हें सरकार  चलानी नहीं आई और अब इन्हें विपक्ष की भूमिका निभानी नहीं आ रही हैं।

यह सदन 15 दिनों से चल रहा है । लेकिन काम रोको प्रस्ताव लाने का सममय इन्हें आज मिला।  सरकार ने किसी भी आउटसोर्स कर्मी को हटाने के आदेश जारी नहीं किए हैं अगर किसी का कांट्रेक्ट समाप्त हो गया है तो बात दूसरी हैं।

कर्मियों को लेकर मंत्रिमंडल उप समिति की सिफारिशों का इंतजार हैं। इन सिफारिशों के आने के बाद इस मसले पर कोई फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने पांच हजार भर्तियां करने का फैसला लिया हैं ।