शिमला। बरमाणा और दाडलाघाट में अदाणी समूह की ओर से बंद किए गए सीमेंट कारखानों के बाद ट्रक आपरेटरों और अदाणी समूह के बीच चला गतिरोध खत्‍म नहीं हो पाया । आज की वार्ता बेनतीजा निकली । कोई हल नहीं हो पाया। मुख्‍यमंत्री सुक्‍खू की बात न तो अदाणी समूह की ओर से मानी गई और न ही ट्रक आपरेटर घाटे में काम करने को राजी हो पाए। अब सुक्‍खू ने आपरेटरों से दो दिनों का समय मांगा हैं।

अब कल इन दोनों कारखानों में लगे ट्रक आपरेटरों के छह से सात हजार ट्रकों के पहिए नहीं चल पाएंगे।

अब ट्रक आपरेटरों के पास घर बैठने के अलावा कोई चारा नहीं बचा हैं।  साथ अब सभी आपरेटरों की नजर सुक्‍खू सरकार पर लग गई है कि कि वह क्‍या फैसला करती हैं। कहा जा रहा हैकि सरकार अदाणी का खनन का लाइसेंस रदद कर सकती है और बाकी तमाम तरह की कार्रवाई  कर सकती है लेकिन  जब तक कुछ हो नहीं जाता तब तक कुछ नहीं कहा जा सकता।

आज मुख्‍यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्‍खू के साथ आपरेटरों की हुई बैठक में यह मसला सुलझ नहीं पाया। अदाणी ने  मौजूदा माल भाडे पर ढुलाई करने  से इंकार कर दिया हैं।  वह पहले से ही मालभाडा 6 से 7 रुपए प्रति किलोमीटर तय करने पर अडा हुआ हैं।आज बैठक में  सरकार के अधिकारी शामिल हुए लेकिन अदाणी समूह की कंपनी की ओर से कोई भी बैठक में मौजूद नहीं था।

सुक्‍खू ने आपरेटरों से  कहा था कि वह मालभाडे पर सहमति बनाए । इस पर आज आपरेटरों ने दस रुपए व दस रुपए बीस पैसे प्रति किलोमीटर के हिसाब से  मालभाडा तय करने पर सहमति जताई । इस भाडे को लेकर सुक्‍खू सरकार के अधिकारियोंं ने अदाणी समूह के अधिकारियों के साथ बातचीत की । कहा जा रहा है अधिकारियोंं ने अदाणी की ओर से इस मालभाडे को मानने से इंकार कर दिया हैं। ऐसे में  अदाणी सीमेंट और आरेटरों के बीच चल रहे गतिरोध को सरकार सुलझाने में नाकाम रही हैं। आज सीमेंट कारखानों को बंद किए हुए 51 दिन हो गए हैं।

उधर ट्रक आपरेटरों के फेडरेशन ने अपने कल के प्रदेशव्‍यापी चक्‍का जाम  की कॉल को वापस ले लिया हैं। फेडरेशन का मानना है कि जब सरकार ट्रक आपरेटरों के साथ है तो चक्‍का जाम क्‍यों करना हैं। सरकार के साथ तो कोई  लडाई नहीं हैं।

अब आगामी रणनीति को लेकर  बिलासपुर व दाडलाघाट में आपरेटरों ने बैठक करने का फैसला लिया है और उसके बाद अगली रणनीति तय की जाएगी।

उधर आज दाडला घाट ट्रक आपरेटरेां संघर्ष समिति के छह सदस्‍यों ने दाडलाघाट में गिर फतारियां ।

शुक्रवार शाम को करीब आठ बजे समाप्‍त हुई बैठक  के बाद दाडला ट्रक यूनियन के अध्‍यक्ष राम कृष्‍ण शमा्र ने कहा कि वार्ता में कोई नतीजा नहीं निकला हैं। अदाणी मौजूदा मालभाडे पर सीमेंट कारखाने खोलने को तैयार नहीं हैं। अब आपरेटरों के साथ कल दाडला में बैठकें होंगी और अगली रणनीति तय की जाएगी।

बिलासपुर ट्रक यूनियन फेडरेशन के अध्‍यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि विवाद को सुलझााने के लिए मुख्‍यमंत्री ने दो दिन का समय मांगा हैं।संभवत: मुख्‍यमंत्री इस मसले पर खुद बातचीत करेंगे । आपरेटरों ने अपना पक्ष रखा दिया हैं।

 

More details awaited…